
रिश्वत लेते हुए प्रतीकात्मक तस्वीर: AI
पटना में निगरानी अन्वेषण ब्यूरो ने बड़ी कार्रवाई करते हुए मौलाना मजहरूल हक अरबी एवं फारसी विश्वविद्यालय के सहायक कुल सचिव को 2.50 लाख रुपये रिश्वत लेते रंगेहाथ गिरफ्तार किया है। निगरानी ब्यूरो के एक अधिकारी ने बताया कि आरोपी सहायक कुल सचिव के खिलाफ रिश्वत मांगने की शिकायत प्राप्त हुई थी, जिसके आधार पर यह कार्रवाई की गई।
समस्तीपुर के रोसड़ा निवासी रामानंद महतो ने निगरानी अन्वेषण ब्यूरो में शिकायत दर्ज कराई थी कि सहायक कुल सचिव सनाउल्लाह खान समस्तीपुर स्थित केआरसी के कुछ छात्रों से प्रैक्टिकल में अंक चढ़ाने के नाम पर बड़ी रकम की मांग कर रहे थे। इस कारण कई छात्रों का परीक्षा परिणाम भी लंबित हो गया था।
शिकायत की पुष्टि के बाद निगरानी विभाग ने मामले का सत्यापन कराया, जिसमें आरोप प्रथम दृष्टया सही पाए गए। इसके बाद धावादल का गठन कर योजना के तहत कार्रवाई की गई और सहायक कुल सचिव को 2.50 लाख रुपये रिश्वत लेते रंगेहाथ गिरफ्तार कर लिया गया।
निगरानी विभाग के अधिकारी के अनुसार, सहायक कुल सचिव द्वारा रिश्वत मांगने की शिकायत मिलने के बाद निगरानी अन्वेषण ब्यूरो ने उसका सत्यापन कराया। सत्यापन में आरोप सही पाए जाने पर पुलिस उपाधीक्षक श्याम बाबू प्रसाद के नेतृत्व में एक टीम गठित की गई, जिसने शिकायतकर्ता के साथ मिलकर जाल बिछाया।
इसके बाद मंगलवार को मौलाना मजहरूल हक अरबी एवं फारसी विश्वविद्यालय के सहायक कुल सचिव सनाउल्लाह खान को उनके कार्यालय में 2.50 लाख रुपये रिश्वत लेते रंगेहाथ गिरफ्तार कर लिया गया। निगरानी ब्यूरो के अधिकारियों के अनुसार, आरोपी से पूछताछ जारी है और संभावना है कि उन्हें बुधवार को अदालत में पेश किया जाएगा।
कॉलेज के कर्मचारी और शिकायतकर्ता रामानंद महतो की ओर से 13 मार्च को इसकी शिकायत निगरानी विभाग को की गई थी। उन्होंने आरोप लगाया था कि 2 केआरसी के लिए कुल 5 लाख रुपये की मांग की जा रही है।
निगरानी विभाग की योजना के अनुसार, शिकायतकर्ता एक केआरसी के लिए 2.5 लाख रुपये देने पहुंचे, तभी पहले से तैनात निगरानी टीम ने मौलाना मजहरूल हक अरबी एवं फारसी विश्वविद्यालय के सहायक कुल सचिव सनाउल्लाह खान को रंगेहाथ गिरफ्तार कर लिया।
निगरानी विभाग के डीएसपी श्याम बाबू प्रसाद और उनकी टीम द्वारा असिस्टेंट रजिस्ट्रार की निशानदेही पर कार्यालय, आवास समेत विभिन्न ठिकानों पर देर रात तक छापेमारी की गई। इस दौरान रिश्वत की राशि के अलावा कई दस्तावेज और इलेक्ट्रॉनिक गैजेट्स भी बरामद किए गए हैं। निगरानी टीम में डीएसपी श्याम बाबू प्रसाद, धावा दल प्रभारी एएसआई मणिकांत सिंह, एएसआई रवि शंकर, कुमार रितेश और सिपाही वसीम अहमद शामिल थे।
Updated on:
29 Apr 2026 07:08 am
Published on:
29 Apr 2026 06:42 am
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