
गोपालगंज ज्वेलरी शॉप के बाहर एकत्रित भीड़। फोटो-पत्रिका
बिहार के गोपालगंज के लाला छापर स्थित दीपक ज्वेलर्स में हुई लूट और हत्याकांड मामले में पुलिस ने चौंकाने वाला खुलासा किया है। पुलिस के अनुसार, इस वारदात (24 अप्रैल) की साजिश गुजरात के एक होटल में रची गई थी, जबकि इसे अंजाम देने के लिए हथियार मुंबई से लाए गए थे। पुलिस का दावा है कि इस पूरी घटना के पीछे एक अंतरराज्यीय गिरोह का हाथ है, जिसके तार मुंबई से लेकर गुजरात तक जुड़े हुए हैं। गिरफ्तार आरोपी सुमित सिंह उर्फ रोहित ने पूछताछ में बताया कि इस वारदात की पटकथा बिहार में नहीं, बल्कि गुजरात के एक होटल में तैयार की गई थी।
पुलिस को दिए बयान में आरोपी सुमित ने बताया कि करीब 20 दिन पहले गिरोह के सभी सदस्य गुजरात के उमरगांव स्थित होटल दर्शन में एकत्र हुए थे। वहीं इस वारदात को अंजाम देने की पूरी योजना बनाई गई। उसने बताया कि इस घटना का मास्टरमाइंड कुख्यात मनिंदर मिश्रा उर्फ ‘बड़का भैया’ और गोलू मिश्रा थे, जिन्होंने दीपक ज्वेलर्स को लूटने की साजिश रची। अपराधियों को यह लालच दिया गया था कि दुकान में करोड़ों के जेवरात हैं और लूट के बाद मिलने वाले हिस्से से वे मुंबई में ऐशो-आराम की जिंदगी जी सकेंगे। गिरोह के प्रत्येक सदस्य को इस काम के बदले 10-10 लाख रुपये देने का वादा किया गया था।
इस वारदात को अंजाम देने के लिए अपराधियों ने मुंबई से हथियारों का बड़ा जखीरा मंगवाया था। सुमित के अनुसार, हथियारों की व्यवस्था गोलू मिश्रा ने खुद मुंबई जाकर की थी। गोलू मिश्रा के कहने पर विशाल यादव (जो एनकाउंटर में मारा गया) और सुमित को मुंबई बुलाया गया, जहां उन्हें एक बैग सौंपा गया। इस बैग में 7 पिस्टल और 200 जिंदा कारतूस थे। इसके बाद अपराधी इन हथियारों को लेकर ट्रेन के जरिए वलसाड से गोरखपुर पहुंचे और वहां से गोपालगंज की सीमा में प्रवेश किया।
गुजरात के होटल में ही यह तय कर लिया गया था कि लूट का कोई विरोध होने पर सीधे गोली मार दी जाएगी। इसी वजह से अपराधियों ने दुकान में घुसते ही अंधाधुंध फायरिंग कर दहशत फैलाने की कोशिश की। इस गिरोह में विशाल यादव, शत्रुघ्न राम, रोहित राम, फरमान और गोल्डन समेत कई अपराधी शामिल थे। सभी आरोपी दो बाइकों और एक बोलेरो के साथ वारदात को अंजाम देने पहुंचे थे।
पुलिस ने गिरफ्तार आरोपी सुमित की निशानदेही पर करमासी गांव के एक बगीचे से वारदात में इस्तेमाल पिस्टल और लूटे गए सोने-चांदी के जेवरात बरामद कर लिए हैं। सुमित ने पूछताछ में कबूल किया कि घटना के बाद जब लोगों ने उसका पीछा किया, तो वह घबरा गया और जेवरात से भरा बैग तथा हथियार झाड़ियों में छिपाकर भागने की कोशिश करने लगा।
बिहार के गोपालगंज ज़िले में शुक्रवार (24 अप्रैल) को एक ज्वेलरी की दुकान में लूटपाट के दौरान 32 साल के एक आदमी की गोली मारकर हत्या कर दी गई और कुछ अन्य लोग घायल हो गए। इसके बाद, भोरे पुलिस स्टेशन के तहत आने वाले लाला छप्पर गाँव में गुस्साए लोगों की भीड़ ने चार आरोपियों में से दो को पीट-पीटकर मार डाला था।
सूत्रों के मुताबिक, शुक्रवार को हथियारबंद अपराधियों ने लाला छापर में सोने-चांदी के गहनों की एक दुकान को निशाना बनाया। अपराधी दुकान में घुसे और गहनों की लूटपाट शुरू कर दी। वारदात के बाद जब वे भागने लगे, तो स्थानीय लोगों ने उन्हें रोकने की कोशिश की। इस पर अपराधियों ने फायरिंग कर दी। गोलीबारी के दौरान सिसई गांव निवासी डब्लू मिश्रा को गोली लग गई, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई।
Published on:
28 Apr 2026 09:53 am
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