
नीतीश कुमार और उनके बेटे निशांत कुमार
बिहार विधानसभा चुनाव 2025 के नतीजे आने के बाद मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के बेटे निशांत कुमार एक बार फिर से चर्चा में आ गए हैं। 202 सीटों पर एनडीए की ऐतिहासिक जीत के बाद उनका एक बयान सामने आया और इसके बाद वे लगातार सुर्खियों में बने हुए हैं। हालांकि निशांत खुद राजनीति से दूरी बनाकर रखने वाले व्यक्तित्व के रूप में जाने जाते हैं, लेकिन इस चुनाव के बाद उनका फिर से सामने आना राजनीतिक संकेतों के तौर पर देखा जा रहा है।
इस चुनाव में एनडीए को 202 सीटों का विशाल जनादेश मिला, जबकि महागठबंधन 35 सीटों पर सिमट गई। इस जीत पर निशांत कुमार ने मीडिया से बात करते हुए बिहार की जनता को धन्यवाद दिया। उन्होंने कहा कि यह जीत नीतीश कुमार के 20 साल के विकास कार्यों का सम्मान है। उन्होंने कहा, "मैं बिहार की जनता को धन्यवाद देता हूं। हमें उम्मीद थी और नतीजे उम्मीद से कहीं अधिक बेहतर आए हैं। इसका सारा श्रेय जनता को जाता है। एनडीए की सरकार बनने जा रही है, लोगों का बहुत- बहुत आभार।” उन्होंने यह भी जोड़ा कि उन्हें पूरा भरोसा है कि मुख्यमंत्री आगे भी जनता के विश्वास को बनाए रखेंगे और विकास की नीति जारी रहेगी।
निशांत आगे कहते हैं, "पिता जी को 20 साल के काम का इनाम मिल गया। लोगों ने उनके विकास कार्यों को स्वीकार किया है। यह जीत किसी एक नेता की नहीं, बल्कि बिहार के हर नागरिक की जीत है। पापा ने जो वादा किया है, उसे पूरा करेंगे। लोगों ने जिस भरोसे से इतना बड़ा जनादेश दिया है, वह आगे भी कायम रहेगा। विकास की गति अब और तेज होगी। युवाओं, महिलाओं, और ग्रामीण इलाकों को नई योजनाओं का सीधा लाभ मिलेगा।"
विशेष बात यह है कि पूरे चुनाव अभियान के दौरान निशांत न तो किसी रैली में दिखे, न किसी मंच पर। वे हमेशा की तरह मीडिया और राजनीतिक मंचों से दूरी बनाए रहे। इसके बावजूद एनडीए की जीत के बाद उनका बयान चर्चा का विषय बन गया। इससे पहले निशांत जनवरी 2025 में अपने पिता के साथ बख्तियारपुर गए थे, जहां स्वतंत्रता सेनानियों की मूर्तियों का अनावरण किया जा रहा था। यह पहली बार था जब निशांत ने सार्वजनिक रूप से राजनीतिक अपील की थी। उन्होंने कहा था, "हो सके तो पिताजी को, उनकी पार्टी को आप सब जनता वोट दें, फिर से लाएं।"
इसके बाद कुछ दिनों तक निशांत लगातार चर्चा में बने रहे थे। उन्होंने अलग -अलग मौकों पर नीतीश कुमार के पक्ष में बयान दिए। एक पारिवारिक कार्यक्रम में उन्होंने अपने पिता नीतीश कुमार के फिर से सीएम बनने का दावा भी किया था। लेकिन चुनाव से कुछ महीने पहले उन्होंने फिर से मीडिया और राजनीति से दूरी बना ली थी। ऐसे में एक बार फिर से बयान देने की वजह से वो चर्चा में आ गए हैं।
जेडीयू के भीतर और समर्थकों के बीच लंबे समय से यह चर्चा बनी हुई है कि क्या कभी निशांत राजनीति में प्रवेश करेंगे। उनका अब सामने आना इस बहस को और तेज कर चुका है। हालांकि उन्होंने कई बार कहा है कि उन्हें राजनीति में रुचि नहीं है। नीतीश कुमार के बड़े भाई सतीश कुमार भी मानते हैं कि निशांत को राजनीति में आना चाहिए। सतीश कहते हैं कि निशांत को राजनीति में आना चाहिए, हालांकि यह उनकी इच्छा पर निर्भर करता है। उनकी जब इच्छा होगी तब आएंगे।
निशांत एक सॉफ्टवेयर इंजीनियर हैं और 49 वर्ष के हैं। वे बिहार के पारंपरिक राजनीतिक परिवारों की उस छवि से बिलकुल अलग हैं जहां उत्तराधिकारी पहले दिन से ही राजनीति में सक्रिय होते हैं। वे पब्लिक लाइफ से दूर, विवादों से दूर एक अलग तरह की छवि बनाकर चल रहे हैं।
Updated on:
17 Nov 2025 09:47 am
Published on:
17 Nov 2025 09:47 am
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