28 जून 2026,

रविवार

Patrika Logo
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

बिहार:महागठबंधन में भी सीटों पर रार

आगामी लोकसभा चुनावों के लिए एनडीए में सीटों को लेकर मची खींचतान पर मजे ले रहे महागठबंधन में भी अब रार मची है।
2 min read
Google source verification

पटना

image

Shailesh pandey

Jun 05, 2018

tejashwi yadav file photo

tejashwi yadav file photo

(पटना): आगामी लोकसभा चुनावों के लिए एनडीए में सीटों को लेकर मची खींचतान पर मजे ले रहे महागठबंधन में भी अब रार मची है। आरजेडी नेता तेजस्वी यादव ने कहा कि जितनी सीटें हैं उसी में सबको शेयर मिलेगा। अभी तक आरजेडी नेता एनडीए में सीटाें के बंटवारे को लेकर रस्‍साकशी पर मजे ले रहे थे। महागठबंधन के घटक दलों में भी अब सीटों को लेकर हायतौबा मचनी शुरु हो गई है। सबसे अधिक बेचैनी में कांग्रेस दिख रही है। कांग्रेस के नेता और प्रदेश अध्यक्ष कौकब कादरी ने कहा कि महागठबंधन में सम्मानजनक सीट बंटवारा होना जरूरी है। इस पर आरजेडी नेता तेजस्वी यादव ने साफ कह दिया कि सीटों की शेयरिंग को लेकर कोई हायतौबा नहीं। सभी दलों को उसकी क्षमता के अनुसार सीटें दी जाएंगी।

घाटे में ही रही है कांग्रेस


कांग्रेस को लगता रहा है कि सीट बंटवारे में हमेशा उसे दबना पड़ जाता है। आपसी खींचतान की वजह से 2009 के लोकसभा चुनाव में दोनों ही दलों को अलग अलग लड़ना पड़ा था। इससे कांग्रेस की संख्या सिमटकर दो रह गई थी। अबकी बार कांग्रेस थोडी़ अलग ही मुद्रा में दिख रही है। पार्टी ने गठबंधन में शामिल रहते हुए आरजेडी से दूरी कायम रखी है। आरजेडी सुप्रीमो लालू यादव के चारा घोटाले में सजायाफ्ता होना भी एक कारण है। दूसरी तरफ कांग्रेस अपने जनाधार को फिर से जनादेश तक पहुंचाने में सांगठनिक मजबूती को भी अधिक महत्व दे रही है। पार्टी फोरम पर यह चर्चा अधिक है कि राषट्रीय स्तर पर गठबंधन का बड़ा दल होने की वजह से उसके साथ नाइंसाफी नहीं होने दी जाएगी। इसलिए उसका फोकस कम से कम 18 सीटों की मांग पर केंद्रित है। इस गरज से पार्टी के नेता अभी से मुखर हैं।


और भी कई दलों मे शेयरिंग


आरजेडी नेताओं का कहना है कि इस बार एक बड़ा फर्क है। हर बार की तरह चुनावी बिसातें हल्के नहीं बिछा देनी है। फिर यह भी एक बड़ी बात है कि महागठबंधन के घटक दलों की संख्या बढ़ी है। इस बार कांग्रेस के अलावा राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी,जीतनराम मांझी की पार्टी- हम सेकुलर, आरजेडी और शरद यादव की नई पार्टी लोकतांत्रिक जनता दल भी महागठबंधन में शामिल है। लिहाजा घटक दलों में खींचतान तो खूब मचेगी ही। इसका नज़ीर अभी से होने लग गया है।