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‘बेटी को कलंकित करना बंद करें…’ पुलिस पर भड़के सांसद; कहा- बर्दाश्त नहीं करेंगे

बिहार के सारण में 10वीं कक्षा की एक छात्रा की संदिग्ध मौत पर अब राजनीतिक विवाद खड़ा हो गया है। इस घटना पर कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए, सांसद पप्पू यादव ने बिहार पुलिस के कामकाज पर तीखा हमला बोला है।  

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पटना

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Anand Shekhar

Mar 15, 2026

Purnia MP Pappu Yadav

पूर्णिया सांसद पप्पू यादव (फोटो- आईएएनएस)

Bihar News: बिहार के सारण जिले में एक नाबालिग लड़की की संदिग्ध मौत का मामला अब एक बड़े विवाद में बदल गया है। पूर्णिया के सांसद पप्पू यादव ने इस संवेदनशील मामले को लेकर सारण पुलिस द्वारा किए गए ताजा खुलासों पर कड़ी आपत्ति जताई है। पप्पू यादव ने पुलिस पर आरोप लगाया है कि वह न्याय दिलाने पर ध्यान देने के बजाय, मृत लड़की के चरित्र पर सवाल उठाकर उसकी प्रतिष्ठा को धूमिल करने की कोशिश कर रही है।

पप्पू यादव ने क्या लिखा?

सांसद पप्पू यादव ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक तीखी पोस्ट लिखी। उन्होंने जोर देकर कहा कि छपरा की बेटी से जुड़ी इस घटना के संबंध में पुलिस का रवैया अनुचित रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि जब भी किसी लड़की के साथ अत्याचार की कोई घटना सामने आती है, तो पुलिस अक्सर पीड़िता के चरित्र पर सवाल उठाना शुरू कर देती है और अंततः उसके अपने परिवार को ही कटघरे में खड़ा कर देती है।

पप्पू यादव ने अपने पोस्ट में लिखा, 'छपरा की बेटी के साथ हुई भयावह घटना में पुलिस मृतक बेटी और उनके परिजनों को कलंकित करने से बाज आए। बिहार पुलिस की आदत हो गई जब किसी बेटी पर जुल्म होता है तो उनके चरित्र पर सवाल उठा देती है और उनके परिजनों को कटघरे में खड़ा कर देती है। इसको बर्दाश्त नहीं करेंगे, मजबूती से लड़ेंगे!'

क्या आया छात्रा के पोस्टमार्टम रिपोर्ट में?

इस बीच, सारण पुलिस ने इस मामले में पोस्टमार्टम और प्रयोगशाला जांच रिपोर्ट के आधार पर एक महत्वपूर्ण खुलासा किया है। सारण के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) विनीत कुमार ने बताया कि शीतलपट्टी गांव में हुई इस घटना की जांच वैज्ञानिक तरीकों से की जा रही है। पुलिस के अनुसार, पोस्टमार्टम और लैब रिपोर्ट से कई अहम तथ्य सामने आए हैं और मामले के अन्य विभिन्न पहलुओं पर जांच अभी भी जारी है।

पुलिस का दावा है कि शुरुआती मेडिकल रिपोर्ट में बलात्कार या यौन उत्पीड़न का कोई सबूत नहीं मिला है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट के अनुसार, लड़की की मौत कुएं में डूबने के कारण दम घुटने (asphyxia) से हुई थी। रिपोर्ट में आगे यह भी बताया गया है कि मृत लड़की के शरीर पर किसी भी तरह की बाहरी चोट के निशान नहीं पाए गए।

मामला कैसे सामने आया

पुलिस के अनुसार, 11 मार्च की शाम डेरनी पुलिस स्टेशन को सूचना मिली कि शीतलपट्टी गांव में एक नाबालिग लड़की की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई है। यह सूचना मिलते ही, पुलिस की एक टीम तुरंत घटनास्थल पर पपहुंची और जगह का मुआयना किया। घटना का स्थान मृत लड़की के पुराने, जर्जर घर से लगभग पांच मीटर उत्तर की ओर स्थित एक कुएं के पास था। जब पुलिस पहुंची, तो लड़की का शव कुएं के किनारे रखा हुआ मिला। गांव वालों ने पुलिस को बताया कि यह घटना लगभग दोपहर 2:30 बजे हुई थी और पुलिस के पहुंचने से पहले ही स्थानीय लोगों ने शव को कुएं से बाहर निकाल लिया था।

5 लोगों के खिलाफ मामला दर्ज

मृत छात्रा की मां द्वारा दर्ज कराई गई एक लिखित शिकायत के आधार पर, डेरनी पुलिस स्टेशन में केस नंबर 96/26 दर्ज किया गया। इस मामले के संबंध में, भारतीय न्याय संहिता (BNS) और POCSO अधिनियम की विभिन्न धाराओं के तहत पांच नामजद आरोपियों के खिलाफ एक प्रथम सूचना रिपोर्ट (FIR) दर्ज की गई। जांच के दौरान, एक FSL (फोरेंसिक साइंस लेबोरेटरी) टीम ने घटनास्थल का मुआयना किया और आस-पास रहने वाले लोगों के बयान दर्ज किए।

मुख्य आरोपी गिरफ्तार

पुलिस ने मुख्य आरोपी युवराज कुमार को गिरफ्तार कर लिया है। पूछताछ के दौरान, आरोपी ने स्वीकार किया कि वह और मृत लड़की एक-दूसरे को जानते थे और वे इंस्टाग्राम के माध्यम से बातचीत करते थे। हालांकि, पुलिस अभी भी इस रहस्य को सुलझाने की कोशिश कर रही है कि क्या लड़की गलती से कुएं में गिर गई थी या उसे धक्का दिया गया था।

जांच जारी रहेगी

प्रारंभिक पोस्टमार्टम रिपोर्ट में यौन उत्पीड़न के कोई संकेत नहीं मिले हैं, फिर भी पुलिस कोई जोखिम नहीं लेना चाहती। SSP विनीत कुमार ने बताया कि मामले के साक्ष्य आधार को और मजबूत करने के लिए वजाइनल स्वैब, प्यूबिक हेयर के नमूने और खून के नमूने एकत्र किए गए हैं। मृतका के नाखूनों और कपड़ों के नमूने भी मुजफ्फरपुर स्थित FSL में भेजे जा रहे हैं। सोनपुर के अनुमंडल पुलिस अधिकारी (SDPO) के नेतृत्व में एक विशेष जांच दल (SIT) इस मामले की गहन और विस्तृत जांच कर रहा है।