6 फ़रवरी 2026,

शुक्रवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

चुनावी साल में केंद्र सरकार ने बिहार के किसानों को दी बड़ी राहत, 70 लाख किसानों को होगा इसका सीधा लाभ

PM Kisan 20th Installment चुनावी साल में केंद्र सरकार के एक बड़े फैसले से बिहार के करीब 70 लाख किसानों को लाभ मिलेगा। पीएम मोदी 02 अगस्त को वाराणसी से पीएम किसान सम्मान निधि का 20वीं किस्त की राशि हस्तांतरित करेंगे। इस योजना से प्रत्येक किसानों को पीएम किसान सम्मान निधि से दो-दो हजार रूपया मिलते हैं।

less than 1 minute read
Google source verification
फरवरी में आएगी पीएम किसान की 22वीं किस्त,(फोटो-पत्रिका)

फरवरी में आएगी पीएम किसान की 22वीं किस्त,(फोटो-पत्रिका)

PM Kisan 20th Installment: चुनावी साल में केंद्र सरकार ने बिहार के किसानों को राहत दी है। केंद्र सरकार ने फार्मर रजिस्ट्री नहीं करा पाने वाले किसानों को भी 20 किस्त की राशि देने का फैसला किया है। इससे बिहार के 74 लाख किसानों को लाभ मिलेगा। जबकि अभी तक बिहार में चाल लाख किसान ही फार्मर रजिस्ट्री कराया है। लेकिन, केंद्र सरकार के इस फैसले से बिहार के 70 लाख उन किसनों को भी लाभ मिलेगा जिन्होंने फार्मर रजिस्ट्री नहीं कराया है।

02 अगस्त को पीएम ट्रांसफर करेंगे पैसा

वाराणसी से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 02 अगस्त को पीएम किसान सम्मान निधि का 20वीं किस्त की राशि हस्तांतरित करेंगे। पीएम किसान सम्मान निधि से किसानों को दो-दो हजार रूपया हस्तांतरित किया जाता है। इसको लेकर 02 अगस्त को पटना के बापू सभागार में भी शनिवरा को राज्य स्तरीय कार्यक्रम का आयोजन किया गया है। इसमें केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान मौजूद रहेंगे। इसमें राज्य के करीब 5000 किसानों को योजनाओं की जानकारी दी जाएगी।

70 लाख किसानों को होगा लाभ

पीएम किसान योजना की 19वीं किस्त ट्रांसफर करते वक्त ही किसानों से फार्मर रजिस्ट्री कराने को कहा गया था। इसके लेकर पीएम किसान सम्मान निधि वाले किसानों की आईडी प्राथमिकता के तौर पर बनाई जा रही थी। लेकिन, अभी तक सिर्फ चार लाख किसानों की ही आईडी बन पाई है। केंद्र सरकार यदि इस बार रजिस्ट्री को अनिवार्य किया जाता तो 70 लाख से अधिक किसान सम्मान निधि से वंचित हो जाते। इसलिए चुनावी वर्ष में इसे अनिवार्य नहीं किया गया है। वैसे, ई केवाईसी नहीं कराने और आयकर के दायरे में आने वाले किसानों की राशि रुक सकती है।