
जन सुराज पार्टी के संस्थापक प्रशांत किशोर, patrika photo
बंटी यादव हत्याकांड को लेकर प्रशांत किशोर ने बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव के बीच मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि जब सरकार का मुखिया ही जाति, गमछा और धर्म देखकर गोली मारने जैसी बातें करता है, तो इससे अपराधियों का मनोबल बढ़ना स्वाभाविक है। प्रशांत किशोर ने बंटी यादव के हत्यारों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई और मामले में लापरवाही बरतने वाले पुलिसकर्मियों पर भी सख्त कार्रवाई की मांग की। उन्होंने यह भी कहा कि किसी व्यक्ति की हत्या के बाद उसे अपराधी बताकर उसका चरित्र हनन करना गलत है।
पटना पुलिस द्वारा बंटी यादव की हत्या के बाद उस पर शराब कारोबार से जुड़े होने के आरोप लगाए जाने को लेकर नई बहस छिड़ गई है। इस मुद्दे पर जन सुराज प्रमुख प्रशांत किशोर ने सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि बंटी यादव की हत्या के पीछे कहीं न कहीं सरकार का चरित्र जिम्मेदार है। उनका आरोप था कि जब सरकार का मुखिया ही जाति, गमछा और धर्म देखकर गोली मारने जैसी बातें करता है, तो अपराध पर प्रभावी अंकुश कैसे लग सकता है।
प्रशांत किशोर ने कहा कि अपराधियों को गिरफ्तार करने और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई करने के बजाय पुलिस हत्या के शिकार व्यक्ति को ही कटघरे में खड़ा करने की कोशिश कर रही है। पुलिस यह साबित करने में जुटी है कि बंटी यादव शराब के कारोबार में शामिल था। उन्होंने इसे पूरी तरह गलत और अन्यायपूर्ण बताया। पीके ने सवाल उठाया कि अगर बंटी यादव वास्तव में किसी अवैध कारोबार में संलिप्त था, तो पुलिस ने उसे पहले ही क्यों नहीं गिरफ्तार किया? उन्होंने कहा कि किसी व्यक्ति की मौत के बाद उसका चरित्र हनन करना न तो उचित है और न ही न्यायसंगत।
प्रशांत किशोर ने गुरुवार को बंटी यादव के घर पहुंचकर उनके परिजनों से मुलाकात की। इसके बाद पत्रकारों से बातचीत में उन्होंने कहा कि अगर पुलिस का यह दावा सही है कि बंटी यादव शराब के कारोबार में संलिप्त था, तो उसके खिलाफ पहले से कोई मामला दर्ज क्यों नहीं था? उन्होंने सवाल उठाया कि क्या बिहार पुलिस के मुखिया बताएंगे कि ऐसी स्थिति में संबंधित थाना और इलाके के पुलिस पदाधिकारियों पर कार्रवाई होगी, जिन्होंने समय रहते उसे गिरफ्तार नहीं किया?
प्रशांत किशोर ने कहा कि स्थानीय लोगों का आरोप है कि इलाके में होने वाले अवैध काम पुलिस की मिलीभगत के बिना संभव नहीं हैं। ऐसे में पुलिस अपनी जिम्मेदारी तय करने के बजाय एक मृत व्यक्ति के चरित्र पर सवाल उठाकर अपना पल्ला झाड़ने की कोशिश कर रही है। उन्होंने कहा कि यदि बंटी यादव के खिलाफ पहले से कोई मामला दर्ज नहीं था, तो उसकी मौत के बाद उसे अपराधी साबित करने की कोशिश करना न तो उचित है और न ही न्यायसंगत।
Updated on:
16 Jul 2026 11:00 pm
Published on:
16 Jul 2026 10:38 pm
