
बिहार नव निर्माण आश्रम में प्रशांत किशोर
Prashant Kishor New Ashram:बिहार विधानसभा चुनाव 2025 में मिली करारी हार के बाद प्रशांत किशोर ने पत्रकारों से बातचीत में कहा था, “अगर आप सोच रहे हैं कि इस हार की वजह से मैं बिहार छोड़ दूंगा, तो आप गलत हैं। हम अब दोगुनी मेहनत और पूरी ताकत के साथ काम करेंगे। जब तक बिहार को सुधारने का अपना संकल्प पूरा नहीं कर लेते, पीछे हटने का सवाल ही नहीं उठता।”
चुनाव के करीब छह महीने बाद प्रशांत किशोर अब नए प्लान के साथ फिर से ग्राउंड जीरो पर सक्रिय होने की तैयारी में हैं। इस बार उनकी रणनीति पांच साल के लंबे रोडमैप पर आधारित है। इस दौरान वे बिहार में होने वाले पंचायत चुनाव और लोकसभा चुनाव में भी अपनी मौजूदगी दर्ज कराएंगे।
अपने मिशन को जमीन पर उतारने के लिए पीके ने पटना से करीब 32 किलोमीटर दूर बिहटा में नया ठिकाना तैयार किया है। आने वाले पांच वर्षों तक प्रशांत किशोर यहीं रहकर काम करेंगे। उनके साथ पार्टी के करीब 500 कार्यकर्ता भी इसी परिसर में रहेंगे।
प्रशांत किशोर का यह आश्रम गंगा किनारे, IIT Patna कैंपस के ठीक बगल में और स्वामी सहजानंद सरस्वती के आश्रम से करीब 1 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। यह आश्रम बिहार के बड़े भूमिहार बहुल गांवों में शामिल अमहारा में बनाया जा रहा है।
आश्रम के लिए इसी जगह के चयन को लेकर जन सुराज के प्रदेश अध्यक्ष मनोज भारती ने कहा कि इसके पीछे कोई खास वजह नहीं है। दरअसल, पटना में इतनी बड़ी जमीन उपलब्ध नहीं हो पा रही थी, इसलिए बिहटा के अमहारा में यह परिसर तैयार किया गया।
उन्होंने बताया कि आश्रम का निर्माण पांच साल की कार्ययोजना को ध्यान में रखकर किया गया है। यहां पार्टी के करीब 40 लाख एक्टिव सदस्यों को प्रशिक्षण दिया जाएगा। इसके साथ ही उन्हें स्किल डेवलपमेंट और संवैधानिक अधिकारों की जानकारी भी दी जाएगी। वहीं, प्रोफेशनल ट्रेनर्स युवाओं को सोशल मीडिया के सही इस्तेमाल और उसके जरिए रोजगार व कमाई के अवसरों के बारे में भी प्रशिक्षित करेंगे।
पार्टी ने ‘बिहार नव निर्माण अभियान’ के तहत अगले 4 से 6 महीनों में हर बूथ, वार्ड और गांव स्तर पर मजबूत संगठन खड़ा करने का लक्ष्य तय किया है। इसके तहत हर गांव में कम से कम 15 सक्रिय जनसुराजी तैयार किए जाएंगे। ये सिर्फ पार्टी के सदस्य नहीं होंगे, बल्कि अपने गांव, वार्ड और पंचायत में जन सुराज के मिशन और विचारों को लोगों तक पहुंचाएंगे। इसके लिए उन्हें विशेष प्रशिक्षण भी दिया जाएगा।
पार्टी ने अपने पुराने सभी कार्यकर्ताओं की सदस्यता समाप्त कर दी है। अब नए सिरे से सदस्यता अभियान चलाकर प्रदेश से लेकर ग्राम पंचायत स्तर तक नई कमेटियों का गठन किया जाएगा। जन सुराज का दावा है कि इस बार मनोनीत नहीं, बल्कि चुनी हुई समितियां बनाई जाएंगी, जिनमें पुराने और नए दोनों कार्यकर्ताओं को शामिल किया जाएगा।
Published on:
22 May 2026 09:03 am
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