
भागलपुर जेल
बिहार विधानसभा चुनाव 2025 में मतदान की प्रक्रिया को निष्पक्ष और शांतिपूर्ण बनाए रखने के लिए प्रशासन ने एक बड़ा और कठोर कदम उठाया है। चुनाव को प्रभावित करने की किसी भी आशंका को खत्म करने के लिए, पटना के आदर्श केन्द्रीय कारा यानि बेऊर जेल में बंद बाहुबलियों और कुख्यात अपराधियों समेत 14 बंदियों को कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच भागलपुर सेंट्रल जेल में स्थानांतरित कर दिया गया है। गृह कारा विभाग ने प्रशासनिक हित में यह कदम उठाया है, क्योंकि जेल प्रशासन को आशंका थी कि पहले चरण के मतदान से पहले जेल के भीतर से आपराधिक साजिशें रची जा सकती हैं।
स्थानांतरित किए गए 14 कुख्यात बंदियों में कई ऐसे नाम शामिल हैं, जिनका सीधा संबंध विधानसभा चुनाव या पटना शहर के अपराध जगत से है। जैसे कि मुन्ना शुक्ला, अविनाश श्रीवास्तव और अजय वर्मा आदि।
मुन्ना शुक्ला: पूर्व विधायक और बृजबिहारी हत्याकांड में उम्रकैद की सजा काट रहे हैं। उनकी बेटी शिवानी शुक्ला वैशाली के लालगंज विधानसभा क्षेत्र से राजद (RJD) की उम्मीदवार हैं। लालगंज में 6 नवंबर को मतदान होना है। मुन्ना शुक्ला के शिफ्ट होने से लालगंज के सियासी पारे में उबाल आ गया है।
अविनाश श्रीवास्तव: राजद के पूर्व एमएलसी ललन श्रीवास्तव का बेटा और 'साइको किलर' के नाम से कुख्यात अविनाश को भी शिफ्ट किया गया है। अविनाश पर पटना नगर निगम की डिप्टी मेयर अमरावती देवी के पति दीना गोप की AK-47 से हत्या का गंभीर आरोप है।
अजय वर्मा: पटना के महेंद्रू इलाके का कुख्यात अपराधी अजय वर्मा को भी भागलपुर सेंट्रल जेल भेजा गया है। पटना की शहरी समेत 14 विधानसभा सीटों पर 6 नवंबर को मतदान है।
जेल अधीक्षक नीरज झा ने पुष्टि की कि मुन्ना शुक्ला समेत सभी बंदियों को विशेष निगरानी और सुरक्षा के इंतजाम के साथ भागलपुर जेल भेजा गया है। स्थानांतरित किए गए अन्य कैदियों में लक्ष्मी सिंह, विशाल कुमार, जयंतकांत राय, बब्लू सहनी, चंदन कुमार, भरत सिंह, गौतम कुमार, नीरज चौधरी, दानिश, सोनू कुमार शर्मा और शुभम उर्फ राजा का नाम शामील है।
यह कार्रवाई जेलों के अंदर से होने वाली चुनावी साजिशों को रोकने की दिशा में प्रशासन का एक बड़ा प्रयास है। ताजा कार्रवाई के साथ ही, विधानसभा चुनाव के मद्देनजर अब तक बेऊर जेल से कुल 28 कैदियों और बंदियों को राज्य की अन्य जेलों में भेजा जा चुका है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि चुनाव प्रक्रिया की पवित्रता और शांति हर हाल में बनी रहे, इसके लिए जरूरत पड़ने पर और भी कैदियों को बेऊर जेल से दूसरे जेलों में स्थानांतरित किया जा सकता है।
Updated on:
27 Oct 2025 10:47 am
Published on:
27 Oct 2025 10:47 am
