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राष्ट्रीय जनता दल के अध्यक्ष लालू प्रसाद यादव को तो चारा घोटाला मामले व अन्य मामलों में कोर्ट से आज तक आराम नहीं मिला हैं। पर लालू के बेटे तेज प्रताप यादव को पत्रकार राजदेव रंजन हत्या मामले में सर्वोच्च न्यायालय की ओर से राहत मिल गई हैं। इस मामले में तेज की संलिप्तता की जांच सीबीआई कर रही थी। सीबीआई ने सुप्रीम कोर्ट से कहा कि राजदेव रंजन हत्याकांड मामले में तेज प्रताप यादव के खिलाफ कोई भी साक्ष्य प्राप्त नहीें हुए हैं। यह जानकारी मिलने के बाद कोर्ट ने तेज के खिलाफ चल रहे सभी मुकदमों से तेज को मुक्त कर दिया है। इस मामले मेें अन्य आरोपियों के खिलाफ जांच यथावत चल रही है।
यह है पत्रकार राजदेव रंजन हत्याकांड मामला
यह घटना बिहार के सीवान जिले की है। 13 मई 2016 की रात को पत्रकार राजदेव रंजन सीवान स्थित अपने कार्यालय से घर लौट रहे थे। रास्ते में गोली मारकर उनकी हत्या कर दी गई थी। राजदेव की पत्नी आशा रंजन ने अज्ञात लोगों के खिलाफ सीवान थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई थी। मामले की जांच के बाद मोहम्मद कैफ,जावेद और अन्य लोगोें को दोषी पाया गया था।
राजदेव की पत्नी ने दर्ज करवाई थी याचिका
राजदेव हत्या मामले में आरोपी पाए गए मोहम्मद कैफ के साथ तेज प्रताप यादव की फोटो सोशल मीडिया पर बहुत वायरल हुई थी। इस फोटो के बाहर आने के बाद आशा रंजन ने शंका जताई कि तेज प्रताप यादव भी इस हत्या में शामिल हो सकते हैं। और इस बात को लेकर उन्होंने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दर्ज करवाई थी जिसके बाद से ही सीबीआई इस बात की जांच कर रही थी कि तेज इस मामले में शामिल है या नही। और सभी तथ्योें पर जांच करने के बाद सीबीआई को तेज के खिलाफ कोई सबूत नहीें मिले जिसके बाद सीबीआई ने साफ कर दिया कि इस मामले में तेज का कोई लेना देना नहीं है।
Published on:
22 Mar 2018 06:18 pm
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