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SDPO गौतम ने 5 गर्लफ्रेंड्स पर लुटाई काली कमाई, किसी को थार तो किसी को दिया मकान; EOU की जांच में खुलासा

किशनगंज के निलंबित SDPO गौतम कुमार के खिलाफ भ्रष्टाचार के आरोपों की जांच जैसे-जैसे आगे बढ़ रही है, EOU को मिल रही जानकारियों ने सबको चौंका दिया है। यह मामला केवल करोड़ों की अवैध कमाई तक ही सीमित नहीं रहा है।
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पटना

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Anand Shekhar

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Updated: 20 Apr 2026, 9:56 AM IST

SDPO गौतम कुमार , bihar news, kishanganj news

निलंबित SDPO गौतम कुमार (फाइल फोटो)

बिहार के किशनगंज के निलंबित SDPO गौतम कुमार के खिलाफ इकोनॉमिक ऑफेंस यूनिट (EOU) की चल रही जांच जैसे-जैसे आगे बढ़ रही है, उनके गलत कामों के बारे में नई-नई बातें सामने आ रही हैं। जांच में न केवल उनकी करोड़ों की अवैध संपत्ति का पता चल रहा है, बल्कि उनकी अय्याशी की कहानियां भी सामने आ रही हैं। जहां शुरुआती जांच में केवल एक गर्लफ्रेंड होने का पता चला था, वहीं अब जांच से पता चला है कि उनकी पांच महिला साथी थीं। आरोप है कि गौतम ने तस्करों और भू-माफियाओं से वसूली गई करोड़ों रुपये की रकम इन महिला साथियों को ऐशो-आराम और महंगे तोहफे देने पर लुटा दी।

नौकरानी के लिए थार, प्रेमिका के लिए बंगला

  • EOU की छापेमारी और कॉल डिटेल रिकॉर्ड (CDR) की जांच से गौतम कुमार की पांचों महिला साथियों की अलग-अलग भूमिकाओं का पता चला है, साथ ही उन पर किए गए खर्चों की खास जानकारियां भी सामने आई हैं।
  • थार वाली नौकरानी: गौतम की महिला साथियों में से एक पूर्णिया में उनकी घरेलू नौकरानी के तौर पर काम करती थी। जांच में पता चला कि गौतम ने उसे एक Thar SUV कार गिफ्ट की थी, जिसका इस्तेमाल वह बड़े ही शान-शौकत से काम पर आने-जाने के लिए करती थी।
  • पुलिस वाली प्रेमिका: एक महिला पुलिस कांस्टेबल भी SDPO गौतम कुमार के प्रेम जाल में फंसी हुई थी। उसके लिए गौतम ने एक आलीशान दो-मंजिला घर बनवाया और उसके निजी इस्तेमाल के लिए एक Scorpio SUV कार भी खरीदी थी।
  • बैंकर रिश्तेदार: गौतम ने अपनी एक महिला रिश्तेदार को भी अपने प्रेम जाल में फंसा लिया था। यह महिला सिलीगुड़ी के एक बैंक में काम करती है। गौतम खुद उसके बैंकिंग दस्तावेजों और ATM कार्ड का इस्तेमाल कर रहा था।
  • पटना में गर्लफ्रेंड: गौतम की एक और गर्लफ्रेंड का पता चला है, जो पटना के कुरजी इलाके में रहती है। लेकिन जब इसे EOU की छापेमारी की खबर मिली तो तुरंत वहां से भाग गई।
  • पूर्णिया में गर्लफ्रेंड: SDPO गौतम कुमार की पूर्णिया में एक और महिला मित्र है, जिसके नाम पर उसने करोड़ों की प्रॉपर्टी खरीदी है। इन प्रॉपर्टी के कागजात EOU को जांच में बरामद हुए हैं।

SDPO के दो राजदार

गौतम कुमार अकेले ही इस अवैध कमाई के रैकेट को नहीं चला रहा था। उसके साथ कई अन्य लोग भी शामिल थे, लेकिन मुख्य रूप से दो लोगों के नाम सामने आए हैं। EOU की जांच में पता चला है कि किशनगंज के टाउन पुलिस स्टेशन के सस्पेंडेड स्टेशन हाउस ऑफिसर (SHO) अभिषेक रंजन और गौतम के बीच गहरी मिलीभगत थी। अभिषेक ने सिलीगुड़ी के बागडोगरा में एक करोड़ रुपये से ज्यादा की जमीन खरीदी, जिसे उसने अपनी पत्नी और साले के नाम पर रजिस्टर्ड करवाया, जिसके लिए 84 लाख रुपये नकद भुगतान किया गया।

अभिषेक के अलावा बंगाल सीमा पर रामपुर चेक-पोस्ट के पास स्थित एक होटल इस सिंडिकेट का मुख्य अड्डा बन गया था। यहीं पर तस्करों से वसूली गई रंगदारी की रकम ली जाती थी और गौतम अपनी आलीशान पार्टियां और मौज-मस्ती करता था। EOU अब होटल संचालक से भी पूछताछ करने की तैयारी में है।

EOU के रडार में कैसे आया SDPO गौतम कुमार

गौतम कुमार का पतन तब शुरू हुआ जब SSB (सशस्त्र सीमा बल) और IB (इंटेलिजेंस ब्यूरो) ने केंद्र सरकार को एक गोपनीय रिपोर्ट सौंपी। इस रिपोर्ट में बताया गया था कि किशनगंज जैसे संवेदनशील सीमावर्ती इलाके (जो नेपाल, बांग्लादेश और बंगाल की सीमाओं से जुड़ा है) में गौतम के कार्यकाल के दौरान, शराब, पशुधन, नकली नोट और नशीले पदार्थों की तस्करी के खिलाफ कार्रवाई लगभग न के बराबर थी। जब पुलिस मुख्यालय ने इस जीरो एक्शन के रिकॉर्ड से जुड़ी फाइलों की जांच की, तो गौतम उनकी नजर में आ गया। ओसके बाद EOU ने 31 मार्च को उसके ठिकानों पर पहली बार छापेमारी की।

जांच के दायरे में आ सकते हैं बड़े अधिकारी

गौतम और अभिषेक के मोबाइल फोन से मिले डेटा ने पुलिस विभाग के कई बड़े अधिकारियों की नींद उड़ा दी है। EOU अब किशनगंज और पूर्णिया में तैनात चार अन्य SDPO (सब-डिविजनल पुलिस ऑफिसर) के रिकॉर्ड और पृष्ठभूमि की गहन जांच कर रही है। व्यापक रूप से यह माना जा रहा है कि SP (पुलिस अधीक्षक) रैंक के कई अधिकारी, जो उस दौरान इस क्षेत्र में तैनात थे, वे भी जल्द ही इस जांच के दायरे में आ सकते हैं।