
चिराग पासवान। (फोटो सोर्स : एक्स चिराग)
बिहार की 5 सीटों पर होने वाले राज्यसभा चुनाव को लेकर शुक्रवार की रात यू- टर्न दिखा। लोजपा(आर) प्रमुख और केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान के बयान से राष्ट्रीय लोक मोर्चा (RLM) प्रमुख उपेंद्र कुशवाहा ने राहत की सांस ली। लेकिन, जीतन राम मांझी की चुप्पी कई सवाल खड़े कर रहे हैं। राजनीति के जानकारों का कहना है कि जीतन राम मांझी जो कि कल तक राज्य सभा सीट को लेकर खुलकर मोर्चा खोल रखा था। वो अभी चुप्प हैं। यह कयास लगाया जा रहा है कि चुनाव करीब आने पर उनकी भी सक्रियता बढ़ेगी।
केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान ने शुक्रवार को कहा कि मेरी मां रीना पासवान को राजनीति में कोई विशेष दिलचस्पी नहीं है। वो राज्य सभा सांसद नहीं बनने जा रही हैं। चिराग पासवान का यह बयान राष्ट्रीय लोक मोर्चा (RLM) प्रमुख उपेंद्र कुशवाहा के लिए राहत की बात है। दरअसल, बिहार की पांच राज्यसभा सीटों पर होने वाले चुनाव में चार सीटों पर एनडीए की जीत पक्की मानी जा रही है। पांचवी सीट के लिए 03 सदस्य घट रहे हैं। जबकि महागठबंधन को एक सीट जीतने के लिए भी 06 सदस्यों की जरूरत है। विधानसभा में संख्या बल के हिसाब से एनडीए चार सीटों में से दो पर नीतीश कुमार की जनता दल यूनाइटेड (JDU)और बीजेपी के दो सीट पर बीजेपी का सांसद बनना तय माना जा रहा है।
सूत्रों का कहना है कि भाजपा अपने कोटे से एक सीट पर राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन को राज्यसभा भेज सकती है। वहीं, दूसरी सीट सहयोगी दलों के लिए छोड़ सकती है। इस सीट पर उपेंद्र कुशवाहा की चर्चा चल रही है। उपेंद्र कुशवाहा का कार्यकाल भी अप्रैल में समाप्त हो रहा है। लोकसभा चुनाव 2024 में वो काराकाट सीट से चुनाव हारने के बाद भाजपा और जेडीयू के सहयोग से राज्यसभा सांसद बने थे। लोक सभा चुनाव में अपनी हार के लिए वे बीजेपी को ही जिम्मेवार ठहराया था। इसके बाद उन्हें राज्यसभा भेजा गया था। पिछले साल हुए बिहार विधानसभा चुनाव में भी वे टिकट बंटवारे को लेकर नाराज थे। फिर उन्हें भाजपा के नेता मनाने के लिए दिल्ली गए थे।
सूत्रों का कहना है कि शीर्ष नेतृत्व से बातचीत के बाद कुशवाहा मान गए थे। रालोमो विधानसभा के पांच सीटों पर चुनाव लड़ी थी। सूत्रों का कहना है कि दिल्ली में रालोमो चीफ को भाजपा द्वारा दोबारा राज्यसभा भेजने और एक एमएलसी सीट देने का वादा किया था। कुशवाहा उसी आधार पर फिर से राज्यसभा जाने की तैयारी में हैं। चिराग पासवान की लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के इस सीट पर दावेदारी के बाद कुशवाहा की सीट पर सस्पेंस बढ़ गया था। लेकिन, चिराग पासवान ने साफ कर दिया कि उनकी मां रीना पासवान राज्य सभा नहीं जायेंगे। लेकिन, चिराग ने अपने दावे से पीछे हटने की बात नहीं की है।
बिहार की पांच राज्यसभा सीटों पर अगले महीने चुनाव होगा। 5 मार्च को इसके लिए नामांकन दाखिल करने का आखिरी दिन है। बिहार की पांच में से चार पर एनडीए की जीत पक्की है। पांचवीं सीट जीतने के लिए एनडीए को 3 अतिरिक्त विधायकों के समर्थन की जरूरत है। अगर विपक्ष ने राज्यसभा चुनाव में कैंडिडेट नहीं उतारता है तो एनडीए पांचों सीटें जीत जाएगी। लेकिन,तेजस्वी यादव की ओर से कैंडिडेट उतारा गया तो चुनाव रोचक हो सकता है। बिहार में राज्यसभा की एक सीट जीतने के लिए 41 विधायकों का समर्थन जरूरी है। विपक्ष में आरजेडी के 25, कांग्रेस के 6, लेफ्ट के 9 और आईआईपी के एक मिलाकर कुल 35 विधायक हैं। आरजेडी को राज्य सभा की एक सीट जितने के लिए असदुद्दीन ओवैसी की पार्टी AIMIM के पांच और एक विधायक वाली बसपा की मदद जरूरी है। हालांकि, ओवैसी की पार्टी ने अपना कैंडिडेट उतारने का ऐलान कर दिया है। इसकी वजह से यह चुनाव रोचक हो गया है।
Updated on:
21 Feb 2026 01:09 pm
Published on:
21 Feb 2026 01:09 pm
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