24 जनवरी 2026,

शनिवार

Patrika LogoSwitch to English
icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

ललन सिंह के ’72-42′ वाले वार पर RCP सिंह का पलटवार, कहा- बदल जाता है इतिहास…

Bihar politics: बिहार की राजनीति में जुबानी जंग एक बार फिर तेज हो गई है। JDU के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष और पूर्व केंद्रीय मंत्री RCP सिंह ने केंद्रीय मंत्री ललन सिंह के तीखे हमलों का बहुत ही कूटनीतिक तरीके से जवाब दिया है।

3 min read
Google source verification

पटना

image

Anand Shekhar

Jan 23, 2026

bihar politics. rcp singh

RCP Singh (Photo - X@RCP_Singh)

Bihar Politics: बिहार की राजनीति में पूर्व केंद्रीय मंत्री RCP सिंह की JDU में वापसी को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं। हालांकि, जदयू के कद्दावर नेता और केंद्रीय मंत्री ललन सिंह ने हाल ही में एक बयान में RCP सिंह की पार्टी में वापसी की संभावना को खारिज कर दिया था। इसके बाद अब RCP सिंह ने ललन सिंह के बयान पर जोरदार पलटवार किया। शुक्रवार को सरस्वती पूजा के शुभ अवसर पर पटना के पटेल हॉस्टल पहुंचे RCP सिंह ने ललन सिंह के '72-42' वाले तंज का जवाब देते हुए कहा कि शब्दों की पवित्रता महत्वपूर्ण है और इतिहास कई बार बदल सकता है।

सब का शुभ हो, ऐसी भाषा बोलें- RCP सिंह

पटेल हॉस्टल में पूजा के बाद, जब पत्रकारों ने RCP सिंह से JDU की खराब हालत के लिए उन्हें जिम्मेदार ठहराने वाले ललन सिंह के बयान के बारे में पूछा, तो RCP सिंह ने ललन सिंह का नाम लिए बिना बहुत ही सधे हुए लहजे में जवाब दिया। उन्होंने कहा, "आज देवी सरस्वती का शुभ दिन है। मैं देवी से प्रार्थना करता हूं कि सार्वजनिक जीवन में रहने वाले लोग जब भी किसी विषय पर बोलें, तो देवी उनकी जुबान पर वास करें और उन्हें ऐसी भाषा इस्तेमाल करने की प्रेरणा दें जो सभी के लिए फायदेमंद हो।"

RCP सिंह ने आगे कहा, "इतिहास गवाह है कि कई बार जब गलत शब्द बोले गए हैं, तो पूरा इतिहास बदल गया है। सभी को अपने तीखे से तीखे विचार भी मीठी भाषा में व्यक्त करने चाहिए। जब ​​भाषा की पवित्रता भंग होती है, तो इसके दूरगामी परिणाम होते हैं।"

JDU में वापसी पर सस्पेंस बरकरार

जब RCP सिंह से सीधे पूछा गया कि क्या वह जदयू में शामिल होने जा रहे हैं, तो उन्होंने सवाल टालते हुए कहा, "मेरा घर कहां है?" इस जवाब ने सस्पेंस को और गहरा कर दिया। फिलहाल, इस मामले पर जदयू के शीर्ष नेतृत्व की ओर से कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है।

ललन सिंह का बयान जिसने विवाद को जन्म दिया

विवाद की जड़ ललन सिंह के 18 जनवरी के बयान में है, जिसमें उन्होंने RCP सिंह की जदयू में वापसी की संभावना को पूरी तरह से खारिज कर दिया था। लखीसराय में एक कार्यक्रम के बाद मीडिया से बात करते हुए ललन सिंह ने कहा था कि जदयू में उन लोगों के लिए कोई जगह नहीं है जिन्होंने पार्टी की सीटों की संख्या 72 से घटाकर 42 कर दी थी। ललन सिंह ने दावा किया कि समर्पित पार्टी कार्यकर्ताओं ने नीतीश कुमार को 85 सीटों पर वापस लाया है और इसलिए पार्टी को नुकसान पहुंचाने वालों को वापस आने देने का कोई सवाल ही नहीं उठता।

RCP सिंह में समर्थन में पटेल समाज

इस बीच, पटेल समुदाय के कई संगठन RCP सिंह की संभावित वापसी के समर्थन में एक साथ आए हैं। समुदाय के संयोजक शंकर प्रसाद ने कहा कि अगर नीतीश कुमार और RCP सिंह हाथ मिलाते हैं, तो JDU 2010 की तरह मजबूत हो सकती है। उन्होंने यह भी तर्क दिया कि RCP सिंह को 2020 के चुनावों के बाद ही पार्टी में एक महत्वपूर्ण जिम्मेदारी दी गई थी, इसलिए '72-42' का आरोप तथ्यों पर आधारित बहस का मामला है। शंकर प्रसाद ने ललन सिंह पर हमला करते हुए कहा कि उन्हें डर है कि अगर नीतीश कुमार और RCP सिंह फिर से एक साथ आते हैं तो उनकी अपनी स्थिति कमजोर हो जाएगी।

शंकर प्रसाद ने ललन सिंह के काम करने के तरीके पर सवाल उठाते हुए कहा कि उन पर हमेशा बाहुबलियों को बचाने का आरोप लगता रहा है। उन्होंने सभी को याद दिलाया कि जब नवंबर 2025 में ललन सिंह ने मोकामा में अनंत सिंह के लिए प्रचार किया था, तो JDU की 'सुशासन' की छवि को बड़ा झटका लगा था। उन्होंने यह भी तर्क दिया कि अगर RCP सिंह ने पार्टी को नुकसान पहुंचाया होता, तो नीतीश कुमार 2020 के चुनावों के बाद उन्हें राष्ट्रीय अध्यक्ष का पद क्यों सौंपते?