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अब नहीं तो कब? नीतीश के बेटे निशांत की राजनीतिक एंट्री पर सस्पेंस! जानिए क्या है जदयू नेताओं की राय

Bihar Politics: मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के बेटे निशांत कुमार के राजनीति में आने को लेकर अटकलें तेज हो गई हैं। कई JDU नेताओं ने निशांत के राजनीति में आने का खुलकर समर्थन किया है, जबकि ललन सिंह ने साफ कहा है कि आखिरी फैसला सिर्फ नीतीश कुमार ही लेंगे। फिलहाल, निशांत के पॉलिटिकल डेब्यू को लेकर सस्पेंस बना हुआ है।

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पटना

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Anand Shekhar

Jan 23, 2026

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नीतीश कुमार और उनके बेटे निशांत कुमार

Bihar Politics: बिहार की राजनीति में इन दिनों मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के बेटे निशांत कुमार को लेकर चर्चाओं का बाजार गर्म है। पटना स्थित जनता दल यूनाइटेड (जदयू) कार्यालय के बाहर लगे पोस्टरों ने एक बार फिर इस बहस को हवा दे दी है। पोस्टरों पर 'अब नहीं तो कब' और 'पार्टी को निशांत कुमार जैसा युवा नेतृत्व चाहिए' जैसे नारे लिखे गए हैं।

ये पोस्टर छात्र जदयू के प्रदेश उपाध्यक्ष कृष्णा पटेल की ओर से लगाए गए हैं, जिसमें साफ तौर पर निशांत कुमार से राजनीति में आने की अपील की गई है। पोस्टर लगते ही JDU के अंदर और बाहर दोनों जगह एक बार से उसी सवाल ने जोड़ पकड़ लिया है कि क्या निशांत कुमार की राजनीतिक एंट्री का समय आ गया है।

क्या है पोस्टर में?

JDU की छात्र शाखा के बिहार उपाध्यक्ष कृष्णा पटेल द्वारा JDU ऑफिस के बाहर लगाए गए पोस्टर में गणतंत्र दिवस की शुभकामनाएं दी गई हैं। इसमें एक तरफ CM नीतीश कुमार और दूसरी तरफ उनके बेटे निशांत कुमार की तस्वीर है। पोस्टर पर लिखा है, "अब नहीं तो कब? पार्टी को निशांत कुमार जैसा, युवा नेतृत्व चाहिए अब… मिशन विकसित बिहार - 2035। नीतीश सेवक, मांगे निशांत… नीतीश सेवकों के साथ - साथ पूरा बिहार कर रहा, वर्षों से यही इंतजार… बिहार के अगले जेनरेशन की कमान संभालने, कब आएंगे भाई निशांत कुमार…"

JDU नेताओं का खुला समर्थन

निशांत कुमार की राजनीतिक एंट्री को लेकर जदयू के कई नेताओं के बयान भी सामने आए हैं, जिससे यह साफ है कि पार्टी के अंदर एक धड़ा निशांत कुमार को सक्रिय राजनीति में देखना चाहता है। शुक्रवार को JDU MLC संजय सिंह ने कहा कि अगर निशांत कुमार बिहार की राजनीति में आते हैं तो इसमें कुछ भी असामान्य नहीं होगा। उन्होंने साफ कहा कि पार्टी के सदस्य पहले से ही चाहते हैं कि निशांत राजनीति में आएं।

निशांत पढ़े-लिखे और ऊर्जावान- श्याम रजक

JDU विधायक और पूर्व मंत्री श्याम रजक ने भी निशांत कुमार को लेकर सकारात्मक रुख अपनाया। उन्होंने कहा कि निशांत युवा, पढ़े-लिखे, बुद्धिमान और ऊर्जावान हैं। हालांकि राजनीति में शामिल होना या न होना उनका पर्सनल फैसला है, लेकिन अगर ऐसे लोग आगे आते हैं, तो यह न सिर्फ JDU बल्कि पूरे बिहार राज्य के लिए फायदेमंद होगा।

निशांत के आने से जदयू होगी मजबूत- जमा खान

JDU नेता और मंत्री जमा खान ने पोस्टरों पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि वह खुद चाहते हैं कि निशांत कुमार पार्टी में शामिल हों और उसके लिए काम करें। उन्होंने कहा कि निशांत जितनी जल्दी एक्टिव राजनीति में आएंगे, पार्टी उतनी ही मजबूत होगी।

नीतीश करेंगे फैसला- ललन सिंह

हालांकि, पार्टी के अंदर बढ़ती मांग और चर्चा के बीच, JDU के सीनियर नेता और केंद्रीय मंत्री राजीव रंजन सिंह उर्फ ​​ललन सिंह ने अटकलों पर रोक लगाने की कोशिश की है। उन्होंने कहा कि निशांत कुमार के राजनीति में आने का फैसला खुद नीतीश कुमार ही करेंगे। इसे मीडिया द्वारा बनाई गई फालतू अटकलें बताते हुए, ललन सिंह ने कहा कि इस मुद्दे पर पार्टी के अंदर कोई औपचारिक फैसला नहीं लिया गया है।

भविष्य की राजनीति की ओर इशारा?

गौरतलब है कि कुछ समय पहले JDU के कार्यकारी राष्ट्रीय अध्यक्ष संजय झा ने सार्वजनिक रूप से कहा था कि पार्टी का भविष्य तैयार है। तब से, निशांत कुमार के बारे में चर्चा तेज हो गई है। हाल के महीनों में, निशांत कुमार को सार्वजनिक बातचीत में अपने पिता के काम और बिहार के विकास मॉडल का जिक्र करते हुए भी देखा गया है।

सस्पेंस बरकरार

फिलहाल, निशांत कुमार के राजनीतिक एंट्री को लेकर सस्पेंस बना हुआ है। JDU कार्यकर्ता और कई नेता उन्हें पार्टी की अगली पीढ़ी का चेहरा मानते हैं, जबकि पार्टी का टॉप नेतृत्व इस मुद्दे पर बहुत सतर्क दिख रहा है। अब सभी की निगाहें एक फैसले पर हैं कि क्या नीतीश कुमार अपने बेटे को औपचारिक राजनीतिक जिम्मेदारियां सौंपेंगे, या यह चर्चा फिलहाल पोस्टरों और बयानों तक ही सीमित रहेगी?