
राजद विधायक अजय दांगी (फोटो - फेसबुक @ajay dangi)
Bihar Assembly Session 2025: बिहार विधानमंडल के शीतकालीन सत्र के पहले दिन पटना में एक अनोखा दृश्य देखने को मिला। जहां बड़ी गाड़ियों, सुरक्षा काफिलों और चमक-दमक के बीच अधिकतर विधायक विधानसभा पहुंचे, वहीं आरजेडी के नवनिर्वाचित विधायक अजय कुमार दांगी ने खुद ऑटो चलाकर सदन तक पहुंचकर सबका ध्यान अपनी ओर खींच लिया। हालांकि विधानसभा परिसर के मुख्य द्वार पर सुरक्षा के कारण ऑटो को भीतर जाने की अनुमति नहीं दी गई।
गयाजी के टिकारी विधानसभा (232) से पहली बार जीतकर सदन पहुंचे अजय दांगी शपथ ग्रहण से पहले ऑटो चलाते हुए विधानसभा पहुंचने के बाद भावुक नजर आए। उन्होंने कहा, “ऑटो को अंदर आने देना चाहिए था, यह लोकतंत्र की आत्मा के खिलाफ है। मैंने 10 साल ऑटो चलाया है। यहां तक पहुंचना सिर्फ मेरा सफ़र नहीं, बल्कि उन लाखों संघर्षशील युवाओं की जीत है जो उम्मीद और मेहनत के भरोसे जीते हैं। संघर्ष मेरी पहचान है और मैं अपने पहले दिन कोई बनावटी छवि नहीं बनाना चाहता था।” उन्होंने ऑटो रिक्शा चालकों की समस्या को भी विधानसभा में उठाने की बात कही।
अजय दांगी एक समय दिल्ली की सड़कों पर ऑटो चलाकर गुज़ारा करते थे। कठिन परिस्थितियों के बावजूद उन्होंने संघर्ष नहीं छोड़ा और बिहार लौटकर सामाजिक कामों में जुट गए। जनता के बीच उनकी सक्रियता और विश्वसनीयता ने अंततः उन्हें विधानसभा तक पहुंचाया। अपनी भावनाओं को साझा करते हुए उन्होंने फेसबुक पर लिखा, “कभी नहीं सोचा था कि दिल्ली में ऑटो चलाने वाला एक दिन उसी ऑटो में बैठकर विधानसभा पहुंचेगा। यह सिर्फ मेरी जीत नहीं, मेहनत और गरीबी से लड़ते हर युवक की जीत है।” उन्होंने आगे लिखा, “राष्ट्रीय जनता दल ने मुझे टिकट नहीं, बल्कि लोकतंत्र में गरीब की आवाज़ बनने का अवसर दिया। मैं इस भरोसे को टूटने नहीं दूंगा।”
अजय दांगी ने अपने समर्थकों और मतदाताओं को धन्यवाद देते हुए कहा, “आपने जिस आशीर्वाद से मुझे विधानसभा तक भेजा है, वही मेरी सबसे बड़ी ताकत है। आपकी समस्याएं और संघर्ष अब मेरी जिम्मेदारी हैं।” उन्होंने स्पष्ट कहा कि उनकी जीत जाति, धर्म या दिखावे पर नहीं, बल्कि संघर्ष और सेवा की पहचान पर आधारित है।
Updated on:
01 Dec 2025 01:42 pm
Published on:
01 Dec 2025 01:41 pm
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