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बांकीपुर उपचुनाव से पहले RJD में बगावत! मृत्युंजय तिवारी के इस्तीफे के पीछे जानिए क्या है वजह?

Bankipur By Election: बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव से पहले राष्ट्रीय जनता दल (RJD) को बड़ा राजनीतिक झटका लगा है। पार्टी के वरिष्ठ प्रवक्ता मृत्युंजय तिवारी ने सभी पदों से इस्तीफा दे दिया है। सूत्रों के मुताबिक, मुख्य प्रवक्ता शक्ति यादव के साथ लंबे समय से चल रहे विवाद और संगठन में उपेक्षा के कारण उन्होंने यह फैसला लिया।
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RJD Mrityunjay Tiwari

राजद के वरिष्ठ प्रवक्ता मृत्युंजय तिवारी (फ़ोटो- ANI)


Bankipur By Election: 
आरजेडी के प्रवक्ता मृत्युंजय तिवारी ने गुरुवार को पार्टी के सभी पदों से इस्तीफा दे दिया। बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव से पहले इसे पार्टी के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है। लंबे समय से पार्टी से जुड़े मृत्युंजय तिवारी ने आरजेडी के प्रदेश अध्यक्ष मंगनी लाल मंडल से मुलाकात कर प्रवक्ता समेत सभी जिम्मेदारियों से इस्तीफा सौंप दिया।

इसी बीच राजनीतिक गलियारों में यह भी चर्चा है कि औरंगाबाद से राजद सांसद अभय कुशवाहा भाजपा के संपर्क में हैं। साथ ही यह भी कहा जा रहा है कि बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव के बाद पार्टी के कुछ अन्य वरिष्ठ नेता भी आरजेडी छोड़ सकते हैं। हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।

सूत्रों के अनुसार, मृत्युंजय तिवारी के इस्तीफे की जानकारी मिलने के बाद राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव ने उन्हें शुक्रवार को मिलने के लिए बुलाया है। बताया जा रहा है कि लालू प्रसाद उन्हें मनाने और पार्टी में बने रहने के लिए समझाने का प्रयास करेंगे। हालांकि, सूत्रों का दावा है कि मृत्युंजय तिवारी पार्टी के मुख्य प्रवक्ता शक्ति यादव के साथ आगे काम करने के इच्छुक नहीं हैं।

मृत्युंजय तिवारी ने पार्टी क्यों छोड़ी?

मृत्युंजय तिवारी के इस्तीफे को लेकर कई तरह की चर्चाएं हैं। पार्टी सूत्रों के अनुसार, उनकी पार्टी के मुख्य प्रवक्ता शक्ति यादव के साथ लंबे समय से अनबन चल रही थी। बताया जाता है कि दोनों के बीच कई बार पार्टी कार्यालय में भी तीखी नोकझोंक हुई थी।

सूत्रों का कहना है कि मृत्युंजय तिवारी ने इस मामले की शिकायत कई बार तेजस्वी यादव से भी की थी, लेकिन इस पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। आरोप है कि इसके बाद पार्टी कार्यालय में उन्हें सार्वजनिक रूप से असहज स्थिति का सामना करना पड़ा। टीवी डिबेट में भी उनकी जगह दूसरे नेताओं को भेजा जाने लगा और संगठन में उनकी जिम्मेदारियां धीरे-धीरे कम कर दी गईं। बताया जा रहा है कि इन परिस्थितियों से नाराज होकर उन्होंने पार्टी छोड़ने का फैसला लिया।

70 लाख से 11 करोड़ तक की संपत्ति को लेकर भी उठे सवाल

मृत्युंजय तिवारी के इस्तीफे के बाद पार्टी के भीतर कुछ नेताओं ने शक्ति यादव की संपत्ति को लेकर भी सवाल खड़े कर रहे हैं। उनका आरोप है कि वर्ष 2015 में लगभग 70 लाख रुपये की घोषित संपत्ति वर्ष 2025 तक बढ़कर करीब 11 करोड़ रुपये कैसे हो गई। उन्होंने कहा कि बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव के बाद इस मुद्दे पर शक्ति यादव से जवाब मांगा जाएगा।

उधर, औरंगाबाद से राजद सांसद अभय कुशवाहा को लेकर भी राजनीतिक हलकों में चर्चाएं तेज हैं। कहा जा रहा है कि वह पार्टी नेतृत्व से नाराज हैं और भाजपा के संपर्क में हैं। हालांकि, अभय कुशवाहा और भाजपा की ओर से इस संबंध में अब तक कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है।