
तेजप्रताप यादव। फोटो- सोशल साइट फेसबुक
लालू प्रसाद के बड़े बेटे और JJD अध्यक्ष तेजप्रताप यादव ने अपना सरकारी बंगला खाली कर दिया। वे कहां शिप्ट होंगे यह अभी साफ नहीं हुआ है। लेकिन, उनके पटना स्थित 26 एम स्टैंड रोड का सरकारी आवास खाली होने पर विवाद शुरू हो गया है। बिहार सरकार के मंत्री लखेंद्र पासवान का कहना है कि इस आवास से सामान गायब है। यह बंगला लखेंद्र पासवान को आवंटित किया गया है।
उन्होंने कहा कि ये आवास फिलहाल रहने लायक नहीं है, जब तक इसकी मरम्मत नहीं हो जाती। आवास से पंखा, कुर्सी, एसी, बल्ब तक गायब है। उन्होंने कहा कि सरकारी आवास में हर विधायक-मंत्री को सुविधा दी जाती है उनको खंडहर भवन नहीं मिलता। लेकिन, इस बंगले में कुछ नहीं है। पंखा-एसी सब उजाड़ कर ले जाया गया है। गेट के लैच तक तोड़े गए हैं। उन्होंने आगे कहा कि मैंने इसकी जानकारी भवन निर्माण विभाग को दी है और उन्हें सब दिखा दिया है।
तेजप्रताप यादव मंत्री बनने के बाद 3 एम स्ट्रेंड स्थित आवास खाली कर मई 2024 में इस सरकारी आवास में आए थे। तेजप्रताप ने अपने इस आवास को लेकर नाराजगी भी जाहिर किया था। उन्होंने 2 साल पहले कहा था, ‘बारिश के समय छत से पानी टपकता है। इसकी रिपेयरिंग नहीं कराई जा रही । इसके साथ ही तेजप्रताप ने पूरे परिसर में गड्ढा खोद कर छोड़ने का भी आरोप लगाया था।
बिहार विधानसभा चुनाव 2025 में हारने के बाद भवन निर्माण विभाग ने तेजप्रताप यादव को सरकारी आवास (26 M स्ट्रैंड रोड, पटना) को खाली करने का 25 नवंबर 2025 को नोटिस दिया गया था। महुआ विधानसभा सीट से 2025 वे चुनाव हार गए थे। तेज प्रताप यादव के साथ ही राबड़ी देवी को भी 10 सर्कुलर रोड आवास को खाली करने का भी नोटिस दिया गया था। नियमों के अनुसार, पूर्व विधायकों को नोटिस मिलने के बाद अधिकतम एक महीने में आवास खाली करने होते हैं।
तेजप्रताप कुछ दिन पहले अपने सरकारी आवास में मकर संक्रांति के अवसर पर पारंपरिक दही-चूड़ा भोज का आयोजन किया था। इसमें उनके पिता और आरजेडी प्रमुख लालू प्रसाद यादव, पार्टी के कई सीनियर नेता और मंत्री भी शामिल हुए थे। इस दौरान लालू यादव ने कहा था कि मेरा बेटे से कोई नाराजगी नहीं है। लालू प्रसाद के इस बयान के बाद ही तेजप्रताप के लालू परिवार में वापसी की चर्चा भी होने लगी थी।
Updated on:
31 Jan 2026 03:51 pm
Published on:
31 Jan 2026 03:51 pm
