
लालू प्रसाद के साथ तेजप्रताप यादव। फोटो-पत्रिका
Makar Sankranti 2026:मकर संक्रांति पर तेजप्रताप यादव का दही-चूड़ा भोज की राजनीति गलियारे में दिनभर खूब चर्चा होती रही। तेज प्रताप यादव इस आयोजन के साथ बुधवार को ‘पॉलिटिशियन ऑफ द डे’ बन गए। भोज में राजनीति के साथ तेजप्रताप यादव की भावनाएं भी छलकती दिखीं। पिता लालू प्रसाद अपने बड़े बेटे तेजप्रताप के घर पर जरूर पहुंचे। उन्होंने तेजप्रताप को अपना आशीर्वाद भी दिया और दावा किया कि परिवार में किसी प्रकार की कोई टूट नहीं है। लेकिन तेजप्रताप के दही-चूड़ा भोज पार्टी में लालू परिवार में टूट साफ दिखा।
भोज में निमंत्रण के बाद भी मां राबड़ी देवी, भाई तेजस्वी यादव और बहनें नहीं आईं। दिन में ही भोज समाप्त होने के बाद भी तेज प्रताप की देर रात तक निगाहें दरवाजे की ओर टिकी रहीं। लेकिन, मां , भाई और बहनों में से कोई नहीं आया। भोज के बाद तेजप्रताप ने इमोशनल पोस्ट भी शेयर किया। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर तेज प्रताप दही- चूड़ा भोज पर पिता लालू प्रसाद के आने को “ऐतिहासिक मिलन” बताया। उन्होंने लिखा कि लंबे समय बाद पिता से मिलना उनके लिए आशीर्वाद से कम नहीं है और यह मिलन उन्हें नई ऊर्जा देगा।
तेज प्रताप यादव के भोज में चाचा मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और रामकृपाल यादव भी नहीं आए। उन्होंने वादा किया था कि भतीजा आया है तो चाचा जायेगा, लेकिन वे तेजप्रताप के भोज में नहीं दिखे। जदयू , बीजेपी के कई बड़े नेता तेज प्रताप के दही चूड़ा भोज में नहीं पहुंचे। इसको लेकर कई तरह की चर्चा होती रही। हालांकि जदयू से अशोक चौधरी और बीजेपी से विजय सिन्हा जरूर इस भोज में शामिल हुए
तेजप्रताप यादव के भोज में उनके मामा साधु यादव और प्रभुनाथ यादव समेत कई खास लोग पहुंचे। तेजप्रताप ने सभी का स्वागत किया।
Updated on:
15 Jan 2026 08:19 am
Published on:
15 Jan 2026 07:59 am
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