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हार के बाद छलका तेजस्वी यादव का दर्द, बोले- कुछ लोग धोखा नहीं दिए होते तो तय थी हमारी जीत

राज्यसभा चुनाव: परिणाम आने के बाद मीडिया से बातचीत में विपक्ष के नेता और राजद के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष तेजस्वी यादव ने कहा कि कुछ लोग धोखा नहीं दिए होते तो हमारी जीत तय थी…

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पटना

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Saurabh Mall

Mar 16, 2026

TEJSAWI YADAV

राजद के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष तेजस्वी (सोर्स: आईएएनएस)

Tejashwi Yadav Statement: तेजस्वी यादव का बड़ा बयान सामने आया है, उन्होंने राज्यसभा चुनाव में महागठबंधन के प्रत्याशी की हार के बाद प्रतिक्रिया दी है। तेजस्वी यादव ने साफ कहा कि अगर कुछ लोग धोखा नहीं देते, तो हमारी जीत तय थी। उन्होंने यह भी बताया कि चुनाव शुरू होने के समय महागठबंधन के पास मजबूत बढ़त थी, लेकिन पांचवें प्रत्याशी के लिए हमारे पास छह वोट और एनडीए के पास तीन वोट कम थे।

इसके बावजूद, तेजस्वी यादव ने कहा कि उन्होंने लड़ना पसंद किया, झुकना नहीं। उनका कहना था कि एनडीए की विचारधारा से हमेशा लड़ाई रहेगी और लोकतंत्र में अपनी बात रखने का हक हर राजनीतिक दल का होता है। उन्होंने मीडिया से बातचीत में यह भी बताया कि उनके लिए यह चुनाव केवल हार-जीत का सवाल नहीं था, बल्कि यह अपने सिद्धांतों और विचारधारा के लिए खड़े रहने की लड़ाई थी।

भाजपा पर लगाए गंभीर आरोप

तेजस्‍वी यादव ने कहा कि इसके बाद हमने एआईएमआईएम और बसपा से समर्थन और सहयोग प्राप्त कर लिया था और छह की संख्या पूरी कर ली थी। उन्होंने 'हॉर्स ट्रेडिंग' की ओर इशारा करते हुए कहा कि भाजपा का 'चाल, चरित्र और चेहरा' हमेशा से ही छल, कपट, धनबल और मशीन तंत्र, सत्ता तंत्र का दुरुपयोग का रहा है। आज सुनने में आया है कि यह केवल बिहार में ही नहीं, कई राज्यों में ऐसा किया गया है।

एनडीए के सभी पांचों प्रत्याशी जीते चुनाव

बता दें बिहार में राज्यसभा चुनाव का नतीजा आ गया है और इस बार एनडीए की टीम ने बाजी मार ली है। सोमवार शाम मतगणना के बाद एनडीए के सभी पांच उम्मीदवार नीतीश कुमार, नितिन नवीन, उपेंद्र कुशवाहा, रामनाथ ठाकुर और शिवेश राम को विजयी घोषित किया गया।

इसमें सबसे विशेष बात यह रही कि पांचवें उम्मीदवार शिवेश राम को द्वितीय वरीयता के आधार पर जीत मिली, लेकिन उन्होंने सबसे अधिक मत हासिल कर ली। महागठबंधन की ओर से अमरेंद्र धारी सिंह पांचवीं सीट के लिए चुनौती देने उतरे थे, लेकिन पेंच उनके हाथ से निकल गया।

राज्यसभा चुनाव का यह नतीजा बिहार की राजनीति में बड़े बदलाव की ओर इशारा करता है। अब Nitish Kumar को ऊपरी सदन जाने के कारण मुख्यमंत्री का पद छोड़ना पड़ेगा, जिससे राज्य में राजनीतिक हलचल बढ़ने वाली है।