4 मार्च 2026,

बुधवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

नीतीश का ‘रिटायरमेंट’ प्लान तैयार? बिहार को मिल सकता है पहला भाजपाई सीएम, इन चेहरों पर टिकी नजर

Bihar Politics: ऐसी अटकलें लगाई जा रही हैं कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार राज्यसभा जा सकते हैं। अगर ऐसा होता है, तो भारतीय जनता पार्टी (BJP) से बिहार के पहले मुख्यमंत्री बनने का सपना सच हो सकता है।

2 min read
Google source verification

पटना

image

Anand Shekhar

Mar 04, 2026

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार (ANI)

Bihar politics: बिहार में एक बड़े राजनीतिक उलटफेर की चर्चा तेज हो गई हैं। ऐसी अटकलें हैं कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार अपने पद से इस्तीफा देकर राज्यसभा जा सकते हैं। अगर ये अटकलें सच होती हैं, तो बिहार के इतिहास में पहली बार भारतीय जनता पार्टी (BJP) के मुख्यमंत्री बनने का रास्ता साफ हो जाएगा। हालांकि NDA के अंदर सहयोगी दल फिलहाल इन अटकलों को खारिज कर रहे हैं। केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान ने कहा है कि मुख्यमंत्री बदलने की कोई चर्चा नहीं है और सरकार नीतीश कुमार के नेतृत्व में ही चलती रहेगी। फिर भी, राजनीतिक गलियारों में संभावित गठबंधनों को लेकर चर्चाएँ लगातार जारी हैं।

सत्ता में बदलाव के संभावित समीकरण

इन अटकलों के साथ ही राजनीतिक गलियारों में कई स्थितियों पर भी चर्चा हो रही है। पहली स्थिति के तहत नीतीश कुमार राज्यसभा जा सकते हैं, जिससे बिहार में पहली बार भाजपा के मुख्यमंत्री का रास्ता साफ होगा और उनके बेटे निशांत कुमार को डिप्टी सीएम बनाकर सत्ता में हिस्सेदारी दी जा सकती है।

दूसरी संभावना यह है कि नीतीश कुमार फिलहाल मुख्यमंत्री पद पर बने रहें, लेकिन बेटे निशांत को राज्यसभा भेजकर उनकी विधिवत पॉलिटिकल लॉन्चिंग कर दी जाए ताकि जेडीयू का भविष्य सुरक्षित हो सके। वहीं तीसरी स्थिति में पार्टी किसी बड़े बदलाव के बजाय रामनाथ ठाकुर के साथ किसी पुराने वफादार और भरोसेमंद चेहरे पर ही फिर से दांव खेल सकती है।

निशांत की एंट्री, नीतीश के रिटायरमेंट का संकेत?

75 साल के नीतीश कुमार और उनके उत्तराधिकारी की सेहत को लेकर अक्सर सवाल उठते रहे हैं। अगर नीतीश अपने बेटे निशांत को राज्यसभा भेजते हैं, तो इसके दो बड़े मतलब निकाले जा रहे हैं। अगर नीतीश, जिनकी राजनीति परिवारवाद के खिलाफ रही हैं, अपने बेटे को आगे लाते हैं, तो इसका साफ मतलब होगा कि वह अब पॉलिटिक्स से सम्मानजनक तरीके से बाहर निकलना चाहते हैं।

जेडीयू अभी पूरी तरह से नीतीश कुमार पर निर्भर है। पार्टी में ललन सिंह, संजय झा और अशोक चौधरी जैसे नेता हैं, लेकिन वे नीतीश के 'लव-कुश' और EBC इक्वेशन में फिट नहीं बैठते। ऐसे में पार्टी के अंदर एक बड़ा गुट अपनी पावर की पोजीशन बनाए रखने के लिए निशांत का नाम मांग रहा है।

BJP से कौन बनेगा मुख्यमंत्री? ये नाम रेस में सबसे आगे

अगर नीतीश कुमार राज्यसभा जाते हैं, तो BJP बिहार में अपना मुख्यमंत्री बनाने के लिए पूरी तरह तैयार दिख रही है। यह पहली बार होगा जब बिहार में BJP का कोई नेता पावर में होगा। इस रेस में कई बड़े नामों पर चर्चा हो रही है, जैसे मौजूदा डिप्टी CM सम्राट चौधरी, जो OBC (कोइरी) कम्युनिटी से आने वाले जाने-माने चेहरे हैं। गृह विभाग को संभालने और सरकार में नंबर दो की हैसियत उन्हें सबसे मजबूत दावेदार बनाती है।

केंद्रीय गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय PM मोदी और अमित शाह के भरोसेमंद नेता हैं। यादव कम्युनिटी से आने के कारण, वह RJD के वोट बैंक में अच्छी-खासी सेंध लगा सकते हैं। इसलिए, वह BJP के संभावित उम्मीदवार भी हो सकते हैं।

मंगल पांडे और विजय सिन्हा के नामों पर भी चर्चा हो रही है। हालांकि, यह भी हो सकता है कि BJP राजस्थान, मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ की तरह बिल्कुल नया चेहरा उतारकर सरप्राइज दे।

चिराग पासवान - ऐसी कोई चर्चा नहीं

इन सभी अटकलों के बीच, NDA के अहम सहयोगी चिराग पासवान ने फिलहाल ऐसी किसी भी संभावना को खारिज कर दिया है। चिराग ने कहा, "ऐसी कोई स्थिति पैदा नहीं होने वाली है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के अनुभवी नेतृत्व में हमारी डबल इंजन सरकार मजबूती से चल रही है।"