
बिहार राज्य महिला आयोग (फोटो- X@state women commission FB)
Bihar News: बिहार राज्य महिला आयोग में एक पारिवारिक विवाद सामने आया है, जिसने सुनवाई के दौरान मौजूद अधिकारियों को भी हैरान कर दिया है। यह मामला पति-पत्नी के विवाद से जुड़ा है और इसमें उनकी निजी जिंदगी में दखल, दहेज उत्पीड़न और चरित्र को लेकर आरोप-प्रत्यारोप शामिल हैं। महिला ने अपने पति पर बहुत गंभीर और परेशान करने वाले आरोप लगाए हैं, जबकि पति ने भी अपनी पत्नी के चरित्र और व्यवहार पर सवाल उठाए हैं। यह पूरा मामला मुजफ्फरपुर के काजीमोहम्मदपुर पुलिस स्टेशन इलाके से जुड़ा बताया जा रहा है।
महिला आयोग पहुंची पीड़िता ने आरोप लगाया कि उसका पति अपनी शादीशुदा जिंदगी की निजी बातें, जिसमें बेडरूम की अंतरंग बातें भी शामिल हैं, अपने मौसा को बताता है। महिला का कहना है कि उसने कई बार इस पर आपत्ति जताई, लेकिन उसके पति ने इसे गंभीरता से नहीं लिया। पीड़िता के अनुसार, यह व्यवहार उसके आत्म-सम्मान और निजता पर सीधा हमला है, जिससे उनके रिश्ते में लगातार तनाव बना हुआ है।
पीड़िता ने यह भी आरोप लगाया कि एक बार जब उसने सैनिटरी पैड खरीदने के लिए अपने पति की जेब से 100 रुपये लिए, तो उसने उस पर चोरी का आरोप लगाया। महिला का कहना है कि यह सिर्फ पैसे की बात नहीं थी, बल्कि यह उस मानसिक उत्पीड़न का हिस्सा था जिसका वह लगातार सामना कर रही थी, जिससे उसे अपमानित महसूस हुआ।
महिला ने आयोग को बताया कि उसकी शादी दिसंबर 2022 में हुई थी। उसका पति असिस्टेंट लोको पायलट के तौर पर काम करता है। पहले छह महीने सब कुछ सामान्य था, लेकिन उसके बाद पति और उसके परिवार की तरफ से दहेज को लेकर दबाव बढ़ गया। इसी दौरान पति-पत्नी के बीच छोटी-छोटी बातों पर झगड़े शुरू हो गए, जो धीरे-धीरे गंभीर विवादों में बदल गए।
पीड़िता का आरोप है कि जब वह गर्भवती हुई, तो उसके ससुराल वालों ने उस पर गर्भपात कराने का दबाव डाला। महिला का कहना है कि उसे बताया गया कि अगर वह 20 लाख रुपये लाएगी, तभी उसे घर में रहने दिया जाएगा। जब उसने यह मांग मानने से इनकार कर दिया, तो उसे ससुराल से निकाल दिया गया।
महिला ने बताया कि वह पिछले दो साल से अपने माता-पिता के साथ रह रही है। इस दौरान उसने एक बेटे को जन्म दिया, लेकिन उसका आरोप है कि उसका पति न तो बच्चे को देखने आया और न ही उसकी कोई जिम्मेदारी ली। महिला का यह भी दावा है कि बाद में उसे पता चला कि उसके पति ने देवघर में दूसरी शादी कर ली है। इसके बाद उसने न्याय के लिए बिहार राज्य महिला आयोग से संपर्क किया।
दूसरी ओर, पति ने महिला के सभी आरोपों का खंडन करते हुए दावा किया कि उसकी पत्नी का किसी दूसरे आदमी के साथ अफेयर है। पति का कहना है कि नौकरी की वजह से वह अक्सर एक बार में तीन दिनों के लिए घर से बाहर रहता है, लेकिन जब वह अपनी पत्नी को फोन करता है, तो उसका फोन देर रात, यहां तक कि सुबह 3 बजे भी बिजी रहता है। पति ने यह भी आरोप लगाया कि उसकी पत्नी उसे निशाना बनाकर सोशल मीडिया रील्स बनाती है और गाली-गलौज वाली भाषा का इस्तेमाल करती है, जो उसे मंजूर नहीं है।
पति के अनुसार, जब विवाद बढ़ा तो दोनों पक्षों के बीच गांव में पंचायत हुई और समझौता हो गया, लेकिन कुछ दिनों बाद पत्नी अपने माता-पिता के घर लौट गई। पति ने आयोग को साफ कर दिया कि वह अपनी पत्नी के साथ रहने को तैयार नहीं है, हालांकि वह बच्चे और पत्नी के लिए भरण-पोषण देने को तैयार है।
बिहार राज्य महिला आयोग की चेयरपर्सन प्रो. अप्सरा ने कहा कि महिला का आरोप है कि उसकी निजी जरूरतों को लेकर भी उस पर शक किया जाता है और उसके ससुराल वाले उसे अपने साथ नहीं रखना चाहते। पति भी महिला से तलाक चाहता है।उन्होंने कहा कि आयोग का मुख्य उद्देश्य परिवार को टूटने से बचाना है। इस संबंध में अगली सुनवाई 25 फरवरी को तय की गई है और दोनों पक्षों के माता-पिता को भी बुलाया गया है।
Published on:
30 Jan 2026 07:38 pm

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