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‘जब तक बुलडोजर नहीं, तब तक हटेंगे नहीं…’ शंभू गर्ल्स हॉस्टल पर फूटा महिला संगठनों का गुस्सा

Bihar News: पटना में NEET छात्रा की मौत के कई दिन बीत जाने के बाद भी पुलिस के हाथ खाली होने से नाराज महिला संगठनों ने आज शंभू गर्ल्स हॉस्टल पर धावा बोल दिया और जमकर प्रदर्शन किया।

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पटना

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Anand Shekhar

Jan 22, 2026

bihar news

प्रदर्शन करती महिलाएं (फोटो-पत्रिका )

Bihar News:पटना के मुत्राचक इलाके में शंभू गर्ल्स हॉस्टल में NEET परीक्षा की तैयारी कर रही एक छात्रा की संदिग्ध मौत के मामले में SIT (स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम) की जांच जारी होने के बावजूद, ठोस नतीजे न मिलने से गुस्सा बढ़ता जा रहा है। लोगों का गुस्सा अब बड़े विरोध प्रदर्शन में बदल गया है। गुरुवार को महिला संगठनों की सदस्य बड़ी संख्या में हॉस्टल के बाहर जमा हुईं और प्रशासन के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया।

‘बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ’ के नारों वाले पोस्टर लेकर धरना प्रदर्शन

दर्जनों प्रदर्शनकारी महिलाएं हॉस्टल के मुख्य गेट के सामने धरने पर बैठ गईं, जिनके हाथों में ‘बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ’ के नारे लिखे पोस्टर थे। महिलाओं ने साफ कहा कि जब तक शंभू गर्ल्स हॉस्टल को बुलडोजर से गिराने का नोटिस जारी नहीं होता, वे वहां से नहीं हटेंगी। प्रदर्शन के दौरान नारेबाजी और आक्रोश लगातार तेज होता गया।

महिला संगठनों ने आरोप लगाया कि जिस हॉस्टल में छात्रा की मौत हुई, वहां संदिग्ध लोग अभी भी खुलेआम घूम रहे हैं। उन्होंने दावा किया कि आरोपी वहां मजे से खाना खा रहे हैं, जबकि सरकार और प्रशासन आंखें मूंदे हुए हैं। प्रदर्शनकारियों ने यह भी आरोप लगाया कि हॉस्टल के दोनों पिछले गेट खुले हैं और मुख्य गेट को भी सील नहीं किया गया है।

जांच के लिए पुलिस पहुंची, गाड़ी को घेरा

जब SIT टीम जांच के लिए हॉस्टल पहुंची, तो प्रदर्शनकारी महिलाओं का गुस्सा फूट पड़ा। महिलाओं ने पुलिस की गाड़ी को घेर लिया और प्रशासन के खिलाफ नारे लगाए। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि जब तक कोई वरिष्ठ सरकारी अधिकारी मौके पर आकर ठोस आश्वासन नहीं देता, वे हॉस्टल के गेट से नहीं हटेंगी।

गृह मंत्री से सीधी मांग

महिला संगठनों ने बिहार के गृह मंत्री सम्राट चौधरी से सीधे हस्तक्षेप की मांग की। महिला संगठन की प्रतिनिधि सरिता राज ने कहा कि यह सिर्फ एक छात्रा की मौत का मामला नहीं है, बल्कि बेटियों की सुरक्षा से जुड़ा सवाल है। उन्होंने कहा कि अगर अब कड़ी कार्रवाई नहीं की गई, तो आंदोलन और तेज किया जाएगा।

SIT की चुप्पी और बढ़ता असंतोष

जांच में शामिल पुलिस अधिकारी जांच पर फिलहाल कोई भी बयान नहीं दे रहे हैं। अधिकारियों का कहना है कि मामला संवेदनशील है और कोई ठोस नतीजे पर पहुंचने के बाद ही ऑफिशियल बयान जारी किया जाएगा। हालांकि, जांच में देरी और जानकारी की कमी ने प्रदर्शनकारियों के गुस्से को और बढ़ा दिया है।

अब तक, SIT को पटना में छात्रा के साथ रेप का कोई ठोस सबूत नहीं मिला है। टीम पटना AIIMS से दूसरी राय और FSL रिपोर्ट का इंतजार कर रही है। छात्रा का मोबाइल फोन भी FSL भेजा गया है, जहां डिलीट किए गए डेटा को रिकवर करने की कोशिशें जारी हैं।

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