
Bilaspur News: अगर जीत का जुनून हो तो कोई भी मुसीबत आड़े नहीं आती। यह कहावत बिलासपुर के चार खिलाड़ियों पर सटीक बैठती है। संभाग के चार खिलाड़ियों ने नेपाल में आयोजित अंतरराष्ट्रीय गेम्स में पावर लिटिंग में अपना दम दिखाकर स्वर्ण पदक हासिल किया है। इनमें से दो खिलाड़ी ने कर्ज लेकर तो तीसरे की फीस कलेक्टर ने भरी थी।
संयुक्त भारतीय खेल फाउंडेशन (एस.बी.के.एफ.) की ओर से इंटरनेशनल गेम्स 2025 नेपाल के पोखरा में 3 अप्रैल से 7 अप्रैल हुए। 22 खेलों के महाकुंभ में खिलाड़ी उत्तम कुमार साहू, मेघा भगत, श्रीवर्धन श्रीवास्तव और प्रियांशु मानिकपुरी का चयन पावरलिटिंग में हुआ था। प्रतियोगिता में शामिल होने का समय आया तो आर्थिक परेशानी आड़े आ गई। उन्होंने नेताओं, संगठनों से लेकर अफसरों से गुहार लगाई, लेकिन मायूसी ही मिली।
इस बीच रायगढ़ कलेक्टर कार्तिकेय गोयल ने मेघा भगत की कांपीटिशन फीस के लिए आर्थिक मदद की। वहीं प्रियांशु व श्रीवर्धन ने कर्ज लेकर नेपाल रवाना हुए और वहां नेपाल, भूटान, दुबई, श्रीलंका, पाकिस्तान, अफगानिस्तान के खिलाड़ियों को पछाड़कर तिरंगा फहराया।
इंटरनेशनल गेम्स में सब -जूनियर अंडर-17 में स्वर्ण पदक हासिल करने वाले चकरभाठा के रहंगी निवासी प्रियांशु के पिता हाईकोर्ट में ड्राइवर है। उनके परिवार में पांच सदस्य है। प्रियांशु के पिता ने मित्र से कर्ज लेकर नेपाल भेजा। इसी तरह श्रीवर्धन के पिताजी का स्वर्गवास हो चुका है। वे अपनी मां के साथ ननिहाल में रहते हैं। इस खेल में शामिल होने के लिए उन्होंने नाना और अन्य सदस्यों की आर्थिक मदद लेकर नेपाल गए थे।
इंटरनेशनल गेम्स में बिलासपुर के उत्तम साहू भारतीय टीम के कोच और खिलाड़ी दोनों वर्ग में शामिल हुए। उत्तम न केवल खेलों में दी गई जिमेदारियां को बखूबी निभाई बल्कि पावरलिटिंग में 435 कि.ग्रा. का भार उठाकर स्वर्ण पदक भी हासिल किया।
उत्तम साहू: पावरलिटिंग में 435 किलोग्राम का भार उठाकर स्वर्ण पदक
मेघा भगत: अंडर 30 में 352.5 किलोग्राम का भार उठाकर स्वर्ण पदक
श्रीवर्धन श्रीवास्तव: सब-जूनियर अंडर-17 में 395 कि.ग्रा. का भार उठाकर स्वर्ण पदक
प्रियांशु मानिकपुरी: सब-जूनियर अंडर-17 में 370 किलोग्राम का भार उठाकर स्वर्ण पदक
Updated on:
11 Apr 2025 04:00 pm
Published on:
11 Apr 2025 11:24 am
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