
स्टारशिप फ्लाइट 13 (Photo: AI generated)
SpaceX Starship Flight 13 : स्पेसएक्स का स्टारशिप फ्लाइट 13 (IFT-13) परीक्षण अब शुक्रवार, 24 जुलाई 2026 को होना तय हुआ है। यह प्रक्षेपण पहले तकनीकी खराबी और फिर खराब मौसम के कारण दो बार टल चुका है। नवीनतम आधिकारिक जानकारी के अनुसार लॉन्च विंडो शाम 5:45 बजे (CDT, टेक्सास समय) खुलेगी। भारतीय समय (IST) के अनुसार, स्टारशिप फ्लाइट 25 जुलाई 2026 की सुबह 4:15 बजे (IST) होना तय हुआ है।
स्टारशिप फ्लाइट 13 को शुरू में 16 जुलाई को लॉन्च किया जाना था, लेकिन उलटी गिनती के अंतिम क्षणों में सुपर हेवी बूस्टर के कुछ रैप्टर 3 इंजन प्रज्वलित नहीं हुए, जिसके चलते लॉन्च को स्वतः रोक दिया गया। एलन मस्क ने बाद में बताया कि एहतियातन दो इंजनों को बदला जाएगा। इंजनों को बदलने के बाद, स्पेसएक्स ने 23 जुलाई की नई तारीख तय की, लेकिन उस दिन भी खराब मौसम के चलते प्रक्षेपण को 24 जुलाई तक के लिए टाल दिया गया।
स्टारशिप फ्लाइट 13 की लॉन्चिंग में बार-बार हो रही देरी की मुख्य वजह उष्णकटिबंधीय तूफान बर्था है, जिसके कारण दक्षिण टेक्सास में आसमान में बादल छाए रहे। स्पेसएक्स के अनुसार, प्रक्षेपण के दौरान ऊपर उठते समय हीट शील्ड की स्पष्ट इमेजरी ज़मीन से कैप्चर करना इस मिशन का एक अहम लक्ष्य है, और इसके लिए साफ मौसम ज़रूरी है। बादल, तेज़ हवाएं, बिजली और खराब दृश्यता जैसी स्थितियां प्रक्षेपण में देरी का कारण बन सकती हैं।
यह स्टारशिप की अब तक की 13वीं परीक्षण उड़ान है और वर्ष 2026 का दूसरा मिशन है। यह स्टारशिप वर्जन 3 (V3) की दूसरी उड़ान भी होगी। इससे पहले उड़ाई गई फ्लाइट 12 काफी हद तक सफल रही थी, जिसमें स्टारशिप V3 और इसके बूस्टर, सुपर हेवी V3, ने पहली बार उड़ान भरी थी। हालांकि उस उड़ान में सुपर हेवी के 33 रैप्टर 3 इंजनों में से पांच दोबारा प्रज्वलित होने में विफल रहे थे, और दूसरे चरण ने चरण-पृथक्करण के महज 40 सेकंड बाद अपना एक इंजन खो दिया था।
फ्लाइट 13 में स्पेसएक्स पहली बार स्टारलिंक V3 सैटेलाइट को अंतरिक्ष में तैनात करने का भी परीक्षण करेगा। मिशन के तहत करीब 20 स्टारलिंक सैटेलाइट एक उप-कक्षीय (सबऑर्बिटल) पथ पर भेजे जाएंगे, जो बाद में पृथ्वी के वायुमंडल में जलकर नष्ट हो जाएंगे। इसके अलावा, सुपर हेवी बूस्टर समुद्र में एक निर्धारित स्थान पर उतरने का प्रयास करेगा, जिससे भविष्य में रॉकेट के पुनः उपयोग की लागत घटाई जा सके।
स्पेसएक्स का स्टारशिप फ्लाइट 13 (IFT-13) एक परीक्षण मिशन है, इसलिए इसका आम लोगों को तत्काल कोई सीधा लाभ नहीं मिलेगा। लेकिन यदि यह सफल होता है, तो भविष्य में अंतरिक्ष तकनीक और उससे जुड़ी कई सेवाएं सस्ती, तेज और अधिक सुलभ हो सकती हैं।
नहीं। यह एक परीक्षण उड़ान है। इसका उद्देश्य नई तकनीकों को परखना है। यदि परीक्षण सफल रहते हैं, तो आने वाले वर्षों में अंतरिक्ष प्रक्षेपण सस्ते होंगे, सैटेलाइट सेवाएं बेहतर होंगी और अंततः आम लोगों को इंटरनेट, संचार, मौसम पूर्वानुमान और आपदा प्रबंधन जैसी सेवाओं में लाभ मिल सकता है।
स्पेसएक्स अपनी आधिकारिक वेबसाइट और X (पूर्व में ट्विटर) हैंडल पर इस लॉन्च का सीधा प्रसारण करेगा। वेबकास्ट प्रक्षेपण से लगभग 30 मिनट पहले शुरू होगा। स्पेसएक्स ने अपने प्रशंसकों से आग्रह किया है कि वे अपडेट पाने के लिए कंपनी के टेक्स्ट अलर्ट के लिए साइन अप करें।
यदि यह परीक्षण सफल रहता है, तो यह स्टारशिप के लिए निकट भविष्य में कक्षीय (ऑर्बिटल) उड़ानों और पैड की भुजाओं से स्टारशिप के ऊपरी चरण को पकड़ने के पहले प्रयास की राह खोल सकता है। स्टारशिप को नासा के आर्टेमिस कार्यक्रम के तहत भविष्य के चंद्र मिशनों में भी अहम भूमिका निभानी है, इसलिए फ्लाइट 13 का नतीजा कंपनी के साथ-साथ पूरे अंतरिक्ष अनुसंधान क्षेत्र के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
Updated on:
24 Jul 2026 03:12 pm
Published on:
24 Jul 2026 03:12 pm
