
मलेरिया ने पांव पसारना किया शुरू (फोटो सोर्स- पत्रिका)
Chhattisgarh Malaria News: बालोद जिले में मलेरिया के मरीज मिलने लगे हैं। जुलाई महीने में ही मलेरिया के १5 से अधिक मामले सामने आ चुके हैं। वहीं इस बार मलेरिया संवेदनशील क्षेत्र डौंडी, डौंडीलोहारा व बालोद क्षेत्र के लोग मलेरिया के शिकार हो रहे हैं। डौंडी के जंगल क्षेत्र के गांवों में गुरुवार को मलेरिया विभाग की टीम निरीक्षण करने पहुंची और लोगों को सावधानी बरतने के निर्देश दिए। घरों में रखे कूलरों में लंबे समय तक भरे पानी को खाली कराया जा रहा है। चिकित्सकों का कहना है कि बीते साल जिले में मलेरिया के 126 मामले सामने आए थे। वहीं इस साल अभी तक 25 मामले सामने आ चुके हैं।
जानकारी के मुताबिक, मलेरिया के मरीज जून से दिसंबर तक सबसे अधिक मिलते हैं। हालांकि इस बार बीते साल की तरह स्वास्थ विभाग सक्रिय नजर आ रहा है। ऐसे में राहत मिलने की उम्मीद है।
जिला स्वास्थ्य विभाग ने जिले में अलर्ट जारी कर दिया है। सभी निजी चिकित्सालयों को भी निर्देश जारी किए गए हैं। डेंगू के मरीज मिलें तो तत्काल सूचना दें। जिला अस्पताल सहित सभी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में आरडी किट के जरिए जांच की सुविधा है। नगरीय निकायों के साथ मिलकर साफ-सफाई, कीटनाशक दवाई का छिडक़ाव, नुवान छिडक़ाव, टैमिफास दवाई का छिडक़ाव शुरू कर दिया गया है।
चिकित्सकों के अनुसार मच्छर अक्सर नमी वाले क्षेत्रों में ज्यादा पनपते हैं। इन मच्छरों के काटने से लोग मलेरिया के शिकार हो रहे हैं। राहत की बात यह है विगत कुछ वर्षों से जिले में मलेरिया के मरीज लगातार घटते क्रम पर हैं। स्वास्थ विभाग की टीम जिले को मलेरिया रोग से मुक्ति दिलाने लगातार प्रभावित क्षेत्रों में जाकर अभियान चलाकर लोगों को मलेरिया रोकथाम के प्रति जागरूक कर रही है।
डॉक्टरों के अनुसार, तेज बुखार के साथ ठंड लगना, उल्टी-दस्त, तेज पसीना आना, शरीर का तापमान 100 डिग्री से ऊपर बढ़ जाना, सिर दर्द, शरीर में जलन, बुखार आने पर शरीर में कमजोरी होना, इसके लक्षण हैं। मलेरिया से बचाव के लिए घर के आसपास पानी को एकत्रित न होने दें। सोते समय मच्छरदानी का प्रयोग करें। नीम की पत्ती का धुआं करें। अपने घर के नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र में रक्त की जांच अवश्य करवाएं। बुखार होने पर तुरंत जांच कराएं।
बालोद के सहायक जिला मलेरिया अधिकारी डॉ. जीआर रावटे ने बताया कि जिले में मलेरिया के अब तक कुल 25 मरीज मिल चुके हैं। जुलाई महीने में ही 10 मामले सामने आ चुके हैं। वहीं जून माह में 15 मरीज मिले थे। मलेरिया रोकथाम के लिए लगातार जागरुकता अभियान चलाया जा रहा है। मलेरिया की जांच भी की जा रही है। लोगों को जागरूक कर अपने घरों की साफ -सफाई करने के निर्देश दिए जा रहे हैं।
जिले में मलेरिया संवेदनशील गांव की पहचान की गई है। इन गांवों में डीडीटी का छिडक़ाव शुरू कर दिया गया है। आने वाले समय में तेज बारिश होगी। ऐसे में मलेरिया का खतरा अधिक रहेगा। जिला मलेरिया विभाग ने भी लोगों को अपने घरों के आसपास सावधानी बरतने के निर्देश दिए हैं। जिले के गांव-गांव में मलेरिया उन्मूलन कार्यक्रम के तहत जागरुकता अभियान की शुरुआत की गई है।
राहत की बात यह है कि जिले में पांच साल की अवधि में एक भी मौत मलेरिया से नहीं हुई हैं। बीते तीन साल पहले 100 से अधिक गांव संवेदनशील थे। इस बार घटकर 30 हो गए हैं। वहीं विभाग उम्मीद कर रहा है कि भविष्य में इनकी संख्या और घट जाएगी। बीते साल जिले में कुल 126 मरीज मिले थे।
Updated on:
24 Jul 2026 12:45 pm
Published on:
24 Jul 2026 12:45 pm
