
झारखंड के पूर्व सीएम शिबू सोरेन का हुआ निधन (Photo-IANS)
Shibu Soren Death: झारखंड के पूर्व सीएम शिबू सोरेन का निधन हो गया है। उन्होंने दिल्ली के सर गंगाराम अस्पताल में अंतिम सांस ली। झारखंड आंदोलन और आदिवासी समाज के उत्थान की जब भी बात होती है, शिबू सोरेन का नाम जरूर आता है। शिबू सोरेन झारखंड के तीन बार मुख्यमंत्री बनें। शिबू सोरेन जब पहली बार झारखंड के सीएम बने थे तब 10 दिन तक ही उन्होंने सरकार चलाई थी और उसके बाद सीएम पद से इस्तीफा देना पड़ा था। आइए जानते है कि पहली बार सीएम बनने के बाद 10 दिन में उन्होंने क्यों इस्तीफा दिया था।
बता दें कि 2005 में फरवरी में झारखंड में विधानसभा चुनाव हुए थे। इस चुनाव में किसी भी गठबंधन को स्पष्ट बहुमत नहीं मिला था। हालांकि विधानसभा चुनाव 2005 में बीजेपी ने सबसे ज्यादा सीटें जीती थी। बीजेपी को 30 सीटों पर जीत मिली थी। वहीं एनडीए के दूसरे घटक जेडीयू को 6 सीटें मिली थी। इस तरह एनडीए गठबंधन ने 36 सीटों पर जीत हासिल की थी। बहुमत के लिए एनडीए को 5 सीटें और चाहिए थी।
वहीं विधानसभा चुनाव में शिबू सोरेन की पार्टी ने 17 सीटों पर जीत हासिल की थी। इसके अलावा गठबंधन की साथी कांग्रेस पार्टी ने 9 सीटें जीती थी। इस तरह यूपीए गठबंधन ने कुल 26 सीटें जीती थी और बहुमत के आंकड़े से 15 सीटें कम थी।
विधानसभा चुनाव 2005 में एनडीए और यूपीए गठबंधन को बहुमत नहीं मिला था, हालांकि एनडीए सबसे ज्यादा सीटें जीती थी। इस हिसाब से राज्यपाल को सरकार बनाने के लिए एनडीए को न्योता देना चाहिए था, लेकिन राज्यपाल ने शिबू सोरेन को सरकार बनाने के लिए न्योता दिया। दरअसल, उस समय झारखंड के राज्यपाल सैयद सिब्ते रजी थे।
बता दें कि 2 मार्च को शिबू सोरेन ने सीएम पद की शपथ ली। इसके बाद शिबू सोरेन को बहुमत साबित करना था। शिबू सोरेन को 12 मार्च 2005 तक बहुमत साबित करना था। लेकिन शिबू सोरेन बहुमत साबित नहीं कर पाए और उन्हें सीएम पद से इस्तीफा देना पड़ा। शिबू सोरेन के इस्तीफा देने के बाद अर्जुन मुंडा प्रदेश के सीएम बने थे।
बता दें कि शिबू सोरेन का राजनीतिक करियर विवादों में भी रहा है। दरअसल, चिरूडीह कांड और उनके निजी सचिव की हत्या के मामले ने उनके करियर को काफी प्रभावित किया। इसके अलावा इन दोनों मामलों से उनकी छवि को भी काफी नुकसान हुआ था।
Published on:
04 Aug 2025 04:46 pm
बड़ी खबरें
View AllPatrika Special News
ट्रेंडिंग
