
बांग्लादेश मुक्ति संग्राम (फोटो- @IAF_MCC)
विजय दिवस (16 दिसंबर) पर हम अक्सर रणनीति, नेतृत्व और मोर्चे की बहादुरी का जिक्र करते हैं, लेकिन 1971 की जीत के पीछे एक अनदेखी सेना भी थी- भारतीय इंजीनियर, टेलीकॉम टेक्नीशियन, मेकैनिक, वायरलेस ऑपरेटर और मेंटेनेंस यूनिट। इन अदृश्य सेना ने अपनी 'कम खर्चीली तकनीक' और सूझ-बूझ से युद्ध का रुख बदल दिया था।
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