
प्रमिला की रॉट आयरन कला को बिहान से मिली नई दिशा (Photo CG DPR)
CG News: छत्तीसगढ़ में रॉट आयरन कला आदिवासी संस्कृति का एक बहुत ही अनोखा और प्रसिद्ध हिस्सा है। इसे स्थानीय भाषा में लौह शिल्प भी कहा जाता है। यह कला खासकर बस्तर क्षेत्र में बेहद लोकप्रिय है। रॉट आयरन कला धातु को गर्म करके, पीटकर या मोड़कर अलग–अलग सजावटी डिज़ाइनों में तैयार करने की एक पुरानी व आकर्षक कला है। इसका उपयोग घरेलू सजावट, वास्तुकला और फर्नीचर में बड़े पैमाने पर किया जाता है।
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