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Sweating More Burn More Fat : क्या ज्यादा पसीना आने का मतलब है बेहतर वर्कआउट? क्या है सच डॉक्टर से समझें

Sweating More Burn More Fat: क्या ज्यादा पसीना आने का मतलब है बेहतर वर्कआउट और तेज फैट लॉस होता है? चिलचिलाती गर्मी और चिपचिपी उमस के इस मौसम में वर्कआउट करने से पहले पसीने का असली वैज्ञानिक सच जान लें। विस्तार से समझे कैसे अत्यधिक पसीना आपके दिल पर दबाव बढ़ाता है और हीट स्ट्रोक का कारण बन सकता है। एंडोक्राइनोलॉजिस्ट कंसल्टेंट डॉ. हेमा सिंह से जानिए समर फिटनेस के लिए हाइड्रेशन का गोल्डन रूल और सुरक्षित एक्सरसाइज करने के सही तरीके।

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भारत

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Chitra Badoliya

May 22, 2026

Fat Loss Metabolism Sweat Glands Fat Oxidation Heat stroke

डॉक्टर से समझिए पसीने का विज्ञान (Photo: AI Generated)

Sweating More Burn More Fat: दुनिया में एक पुराना और बेहद आम मिथक है "No Pain, No Gain"। इसी तर्ज पर ज्यादा पसीना यानी ज्यादा फैट बर्न। जिम में ट्रेडमिल पर दौड़ते हुए जब कोई पसीने से पूरी तरह भीग जाता है, तो अक्सर उसे ही सबसे ज्यादा 'मेहनती' और 'फिट' मान लिया जाता है। बहुत से लोग तो सिर्फ इसलिए भारी कपड़े पहनकर या बिना पंखे-एसी के बगैर वर्कआउट करते हैं ताकि उन्हें ज्यादा से ज्यादा पसीना आए। लेकिन क्या विज्ञान भी इस बात का समर्थन करता है? क्या वाकई ज्यादा पसीना बहने का मतलब एक शानदार और हाई-क्वालिटी वर्कआउट है? विशेषकर जब आप भारत की चिलचिलाती गर्मी (Hot) या चिपचिपी उमस (Humid) वाले मौसम में एक्सरसाइज कर रहे हों, तो पसीने का गणित पूरी तरह बदल जाता है। आइए, मेडिकल साइंस और एक्सरसाइज फिजियोलॉजी के नजरिए से समझते हैं कि पसीने और वर्कआउट की क्वालिटी का आपस में क्या संबंध है और इस चिलचिलाते मौसम में आपको किन बातों का खास ख्याल रखना चाहिए।

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