
डॉक्टर से समझिए पसीने का विज्ञान (Photo: AI Generated)
Sweating More Burn More Fat: दुनिया में एक पुराना और बेहद आम मिथक है "No Pain, No Gain"। इसी तर्ज पर ज्यादा पसीना यानी ज्यादा फैट बर्न। जिम में ट्रेडमिल पर दौड़ते हुए जब कोई पसीने से पूरी तरह भीग जाता है, तो अक्सर उसे ही सबसे ज्यादा 'मेहनती' और 'फिट' मान लिया जाता है। बहुत से लोग तो सिर्फ इसलिए भारी कपड़े पहनकर या बिना पंखे-एसी के बगैर वर्कआउट करते हैं ताकि उन्हें ज्यादा से ज्यादा पसीना आए। लेकिन क्या विज्ञान भी इस बात का समर्थन करता है? क्या वाकई ज्यादा पसीना बहने का मतलब एक शानदार और हाई-क्वालिटी वर्कआउट है? विशेषकर जब आप भारत की चिलचिलाती गर्मी (Hot) या चिपचिपी उमस (Humid) वाले मौसम में एक्सरसाइज कर रहे हों, तो पसीने का गणित पूरी तरह बदल जाता है। आइए, मेडिकल साइंस और एक्सरसाइज फिजियोलॉजी के नजरिए से समझते हैं कि पसीने और वर्कआउट की क्वालिटी का आपस में क्या संबंध है और इस चिलचिलाते मौसम में आपको किन बातों का खास ख्याल रखना चाहिए।
पूरी खबर पढ़ने के लिए लॉगिन करें।
बड़ी खबरें
View AllPatrika Special News
ट्रेंडिंग
