
तनाव में छात्र। (फोटो- AI/Grok)
Student Sync Index-2026 Report: आज की कक्षाओं में बच्चों के सामने किताबें खुली होती हैं, लेकिन मन बंद। होमवर्क पूरा है, मगर दिल बोझिल। मुस्कान चेहरे पर है, पर भीतर डर पल रहा है। अभिभावकों की उम्मीदों का बोझ, प्रतिस्पर्धा और कम समय में ज्यादा सीखने की जद्दोजहद विद्यार्थियों में तनाव और चिंता को लगातार बढ़ा रहे हैं। हालत यह है कि कक्षा में पढऩे वाला हर दूसरा विद्यार्थी रोज तनाव में जी रहा है। इसका असर बच्चों के मानसिक स्वास्थ्य पर भी पड़ रहा है। यह खुलासा द स्टूडेंट सिंक इंडेक्स-2026 की रिपोर्ट में हुआ है। देशभर में विद्यार्थियों, शिक्षकों, अभिभावकों और स्कूलों के इकोसिस्टम से जुड़े लोगों से बातचीत के आधार पर यह इंडेक्स रिपोर्ट जारी की है।
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