
हिड़मा का गांव और घर जाने का रास्ता (Photo Patrika)
CG News: @ देवेंद्र गोस्वामी। प्रदेश में नक्सलवाद के खात्मे की समय-सीमा समाप्त होने से के बाद 'पत्रिका' की टीम उस गांव में पहुंची जिसे दुनिया का सबसे खतरनाक इलाका और दुर्दांत नक्सली हिड़मा व देवा का सुरक्षित गढ़ माना जाता है। सुकमा जिले का पूवर्ती गांव, जो कभी खौफ का पर्याय था, आज अपनी खामोशी को तोड़कर विकास की राह देख रहा है। राजधानी रायपुर से 500 किमी दूर इस सफर में झीरम घाटी, ताड़मेटला और चिंतागुफा जैसे हिंसा के निशान कदम-कदम पर मिलते हैं। जगरगुंडा के बाद जब हम पथरीले रास्तों पर बढ़े, तो शाम ढल रही थी। गांव पहुंचते ही एक अजीब सा सन्नाटा पसरा था।
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