
विदेशों में प्रवासी भारतीयों पर हमले बढ़ गए हैं, लंदन में एक भारतीय व्यक्ति की हत्या कर दी गई। (फोटो: प्रतीकात्मक.)
Attacks on Indian Diaspora: दुनिया भर में भारतीयों पर हमले (Indian diaspora attacks) बढ़ गए हैं, भारतीयों से नफरत और नस्लीय भेदभाव (Racism against Indians abroad) इस हिंसा का प्रमुख कारण है। हाल ही आयरलैंड में प्रवासी भारतीयों पर नस्लीय हमले हुए हैं। एक भारतीय वैज्ञाानिक ( NRI News) संतोष यादव पर हमला हुआ।इससे पहले लंदन में एक 30 साल के सिक्ख युवक गुरमुखसिंह (उर्फ गैरी) की 23 जुलाई 2025 को इल्फोर्ड इलाके के फेलब्रिज रोड चाकू से हमला हत्या कर दी गई। उससे पहले अमेरिका, आस्ट्रेलिया और कनाडा में भी ऐसे हमले हो चुके हैं। इससे पहले कोरोना लॉकडाउन काल में भी अमेरिका में प्रवासी भारतीयों(overseas) पर हमले बढ़ गए थे और भारतीय समुदाय डर-डर कर रहा था, सच्चाई वह भारत में बता नहीं सकता था और तब उड़ानें बंद होने के कारण भारत आ नहीं सकता था। ये घटनाएं दिखाती हैं कि भारत के नागरिकों को आज भी विदेशों में नस्लीय हिंसा (Racial violence against NRIs) का सामना करना पड़ रहा है, जबकि भारत को आजाद हुए 75 साल से ज्यादा हो चुके हैं। महात्मा गांधी भी अपने समय में दक्षिण अफ्रीका में इसी तरह की नफरत का शिकार हुए थे। अफसोस कि नस्लभेदी मानसिकता की वजह से दुनिया के लोगों की भारतीयों के प्रति राय नहीं बदली है।
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