8 जुलाई 2026,

बुधवार

Patrika Logo
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

75% बच्चों की पढ़ाई में सबसे बड़ी बाधा थी भाषा, छत्तीसगढ़ के इस मॉडल ने बदल दी पूरी तस्वीर

Mother Tongue Learning: छत्तीसगढ़ के सर्वे में खुलासा हुआ कि 75% बच्चों की पढ़ाई में भाषा सबसे बड़ी बाधा थी। मातृभाषा आधारित बहुभाषी शिक्षा मॉडल से आदिवासी अंचलों में सीखने की क्षमता और आत्मविश्वास बढ़ा है।
4 min read
Google source verification
Chhattisgarh Education

बस्तर बना मातृभाषा शिक्षा का मॉडल (photo source- Patrika)

Chhattisgarh Education: अगर पहली कक्षा के बच्चे को वही बात उसकी अपनी भाषा में समझाई जाए, जो वह घर में रोज सुनता और बोलता है, तो वह न सिर्फ जल्दी सीखता है, बल्कि पढ़ाई में उसकी रुचि और आत्मविश्वास भी बढ़ता है। छत्तीसगढ़ में सरकारी स्कूलों में लागू किया गया। मातृभाषा आधारित बहुभाषी शिक्षा (Mother Tongue Based Multilingual Education - MTB-MLE) मॉडल इसी सोच पर आधारित है और अब इसके सकारात्मक परिणाम सामने आने लगे हैं। समग्र शिक्षा, एससीईआरटी और लैंग्वेज एंड लर्निंग फाउंडेशन द्वारा किए गए संयुक्त सर्वेक्षण में सामने आया कि प्रदेश के 75 प्रतिशत बच्चों की सीखने की सबसे बड़ी बाधा शिक्षक या किताबें नहीं, बल्कि भाषा का अंतर था।

image

पूरी खबर पढ़ने के लिए लॉगिन करें।

बड़ी खबरें

View All

Patrika Special News

ट्रेंडिंग