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वीर सावरकर की वजह से लता मंगेशकर बनीं गायिका, पढ़ें उनके रुचिकर किस्से…

भारत की स्वर कोकिला लता मंगेशकर के बारे में ये बात बहुत कम लोग जानते होंगे कि उनके पिता ने पहले उनका नाम ‘हृदया’ रखा था, जो बाद में बदलकर न जाने कब ‘लता’ किया गया…

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मुंबई

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Abhishek Mehrotra

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Yatindra Mishra

Feb 06, 2026

Lata

भारत की स्वर कोकिला लता मंगेशकर (इमेज सोर्स: पत्रिका.कॉम)

लता मंगेशकर भारतीय संगीत की दुनिया का वो नाम जो किसी परिचय का मोहताज नहीं है। उनके जीवन से सम्बन्धित छोटी-छोटी सूचनाओं से एक बड़ी कहानी बनायी जा सकती है, कुछ-कुछ उस तरह, जैसा कि वे ‘सीमा’ (1955) फ़िल्म के लिए हसरत जयपुरी के लिखे हुए गीत ‘सुनो छोटी सी गुड़िया की लम्बी कहानी’ में गाकर व्यक्त होती हैं। उनके जीवन के दिलचस्प ब्यौरों में यह बात शामिल रही है कि उन्होंने सबसे पहले शोलापुर के ‘नूतन थियेटर’ में अपने बाबा के साथ गायन का पहला सार्वजनिक प्रदर्शन किया था। वह भी राग खम्भावती के गायन के बाद, ‘मानापमान’ नाटक का ‘शूरा मी वन्दीले’ और ‘ब्रह्मकुमारी’ का ‘सुहास्या तुझे मानसी मोहि’ नाट्य गीत गाकर। बाद में वे उसी कार्यक्रम में अपने पिता की गोद में सिर रखकर मंच पर ही सोती रहीं और पण्डित दीनानाथ मंगेशकर का शास्त्रीय गायन सारी रात चलता रहा।

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