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हॉकी के जादूगर ध्यानचंद की अनसुनी कहानियां, बेटे अशोक कुमार की जुबानी…Exclusive Interview

Major Dhyanchand: 1995 में हॉकी के जादूगर मेजर ध्यानचंद के जन्म दिवस 29 अगस्त को राष्ट्रीय खेल दिवस घोषित किया गया। आज वही सुनहरा अवसर है.. patrika.com के साथ उनके बेटे अशोक कुमार ने ऐसे पल साझा किए जो इतिहास की किताबों में शायद ही लिखे गए हों, 1936 के बर्लिंन ओलंपिक में हिटलर से मुलाकात से लेकर यूनियन जैक के नीचे बहाए उनके आंसुओं तक और एक पुरानी इंडियन टाई की बेशकीमती याद तक... खुद्दारी से जिंदगी को देश के लिए समर्पित करने वाले मेजर ध्यान चंद केवल एक खिलाड़ी नहीं थे, बल्कि खेलभावना और देशभक्ति की जीती-जागती मिसाल थे...

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Major Dhyanchand son ashok kumar exclusive interview

Major Dhyanchand son ashok kumar exclusive interview(Photo: Social Media)

Major Dhyanchand: संजना कुमार @ patrika.com: हॉकी के जादूगर मेजर ध्यान चंद का नाम खेलों के इतिहास में स्वर्णाक्षरों में लिखा गया है। लेकिन उनके बेटे अशोक कुमार की आंखों से जब हम इस महानायक को देखते हैं, तो हमें सिर्फ एक खिलाड़ी नहीं बल्कि, एक ऐसे इंसान की तस्वीर दिखाई देती है, जिसने कभी खुद को बड़ा या महान नहीं माना। हमेशा अपनी टीम को श्रेय दिया। अशोक कुमार हमें उन्हीं अनसुनी और अनकही यादों में लेकर जा रहे हैं, जो एक साधारण से भारतीय सैनिक ध्यान सिंह से मेजर ध्यान चंद बनकर उभरा और किसी तारे सा चमक उठा, जिसने भारत में खेलों का साम्राज्य स्थापित किया… और दुनियाभर में उसकी नई पहचान बनाई… मेजर ध्यान चंद के बेटे अशोक कुमार के साथ पत्रिका.कॉम की खास बातचीत…

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