
MP News 'बेटी के नाम घर की पहचान' (फोटो सोर्स : पत्रिका)
MP News: घर के बाहर बेटी के नाम की एक नेम प्लेट लगाने से क्या बदल जाएगा…? क्या समाज में उनके खिलाफ हो रहे अपराध एक पल में खत्म हो जाएंगे? या फिर उन्हें उनके वो सारे अधिकार मिल जाएंगे जिनकी वो अधिकार हैं ? या फिर बेटियों को बोझ समझने वाली सोच का हमेशा के लिए अंत हो जाएगा..? ऐसे ही न जाने अनगिनत सवाल खड़े किए गए जब मध्यप्रदेश के बैतूल जिले के एक शख्स ने बेटियों के पहचान के लिए कुछ करने की ठानी। जिले के अनिल नारायण यादव ने बेटा-बेटी के बीच भेदभाव की गहरी खाई को खत्म करने के लिए अपनी बेटी के जन्म दिन पर शुरू किया बेटी के नाम घर की पहचान। 8 नवंबर 2015 को शुरु हुए इस अभियान को 10 साल पूरे हो गए हैं।
पूरी खबर पढ़ने के लिए लॉगिन करें।
बड़ी खबरें
View AllPatrika Special News
ट्रेंडिंग
