25 फ़रवरी 2026,

बुधवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

डिग्रियां हासिल करना ही काफी नहीं, ‘संतूर’ मेरे दिमाग में बस गया था…पढ़ें पूरी स्टोरी

जब मैं पांचवी या छठवीं में थी, तो मां के साथ भोपाल में एक कन्सर्ट में गई, वहां पंडित शिवकुमार शर्मा का संतूर सुना आई को मां से संतूर सीखने की जिद की।

3 min read
Google source verification
Santoor player Shruti Adhikari

Santoor player Shruti Adhikari Santoor player Shruti Adhikari (Photo Source: instagram account )

(श्रुति अधिकारी, संतूर वादक…) जो भी काम करना है, उसे पूरी तन्मयता के साथ करो। संगीत सीख रहे हो, तो उसे हर पल सीखते रहो, केवल कुछ डिग्रियां हासिल करना ही काफी नहीं होता। यह ऐसी कला है, जिसकी शिक्षा कभी पूरी नहीं होती। निरंतर अभ्यास जरूरी है। मेरा मानना है, अपने सपनों को हर पल जियो, उसमें डूब जाओ, अपने पंख फैलाओ और फिर देखो पूरा आसमान ही तुम्हारा है।

image

पूरी खबर पढ़ने के लिए लॉगिन करें।