
अरावली की पहाड़ियों को बचाने के लिए लोग आंदोलन कर रहे हैं। (Photo: IANS)
Save Aravali Hills : सुप्रीम कोर्ट की नई परिभाषा के अनुसार, अरावली पर्वतमाला को अरावली जिलों में स्थित किसी भी भू-आकृति के रूप में परिभाषित किया गया है, जिसकी स्थानीय भू-आकृति से ऊंचाई 100 मीटर या उससे अधिक हो। मतलब यह कि किसी पहाड़ी को तभी अरावली माना जाएगा, जब वह अपने स्थानीय धरातल से 100 मीटर या उससे अधिक ऊंची हो। इस परिभाषा के बाद सोशल मीडिया से सड़क तक अरावली बचाओ(Save Aravali Campaign) की बातें होनी लगी है।
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