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World Tiger Day: बाघ तो बढ़े लेकिन कमजोर पड़ रहा उनका खून, जानिए क्या होता इनब्रीडिंग संकट?

World Tiger Day: नेशनल पार्कों में सीमित आवाजाही के कारण पीढ़ियों से एक ही रक्तरेखा में प्रजनन हो रहा है। विशेषज्ञों का कहना है कि घटती आनुवंशिक विविधता भविष्य में वायरस, जन्मजात विकृतियों और प्रजनन क्षमता पर भारी पड़ सकती है। पढ़िए राजेंद्र गहरवार की विशेष रिपोर्ट।
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भारत

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Swatantra Mishra

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राजेंद्र गहरवार

Jul 29, 2026

CDV Virus in Tigers Tiger Genetic Diversity Tiger Conservation India

टाइगर रिजर्व पर आनुवंशिक संकट की दस्तक (Photo: CHatGpt)

World Tiger Day : बाघों की संख्या बढ़ाकर भारत ने दुनिया के सामने संरक्षण का मॉडल पेश किया, लेकिन अब उसी सफलता के भीतर एक नया खतरा सिर उठाने लगा है। अप्रेल- मई 2026 के दौरान कान्हा नेशनल पार्क में एक महीने के भीतर आठ बाघों की मौत हुई। इनमें चार शावक और पर्यटकों के बीच लोकप्रिय बाघ 'महावीर' भी शामिल था। जांच में सभी के कैनाइन डिस्टेंपर वायरस (सीडीवी) से संक्रमित होने की पुष्टि हुई। शुरुआती चर्चाओं में वायरस के स्रोत के रूप में कुत्तों का जिक्र हुआ, लेकिन वन्यजीव विशेषज्ञ इसे इससे कहीं बड़ी समस्या का संकेत मान रहे हैं। उनका कहना है कि कई टाइगर रिजर्व वर्षों से आनुवंशिक अलगाव का सामना कर रहे हैं, जहां सीमित रक्तरेखा में लगातार अंत:प्रजनन से जीन पूल सिकुड़ रहा है। यदि समय रहते नई आनुवंशिक विविधता नहीं जुड़ी, तो भविष्य में संक्रमण, जन्मजात विकृतियों और प्रजनन क्षमता में गिरावट जैसी चुनौतियां और गंभीर हो सकती हैं।

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