
प्रतीकात्मक तस्वीर | Photo- Gemini AI
Wisdom Teeth : 'अकल दाढ़' बहुत कॉमन डेंटल इश्यू है। एक डेंटल सर्जन ने बताया कि ये समस्या बढ़ते जा रही है। सोचिए, हर माह कम से कम 20 लोग अकल दाढ़ से पीड़ित आते हैं। ये सिर्फ एक क्लिनिक का हाल है। ऐसे में पूरे भारत में कितने लोग इस समस्या से पीड़ित होंगे। 'अकल दाढ़' का दर्द दूर करने के लिए दवा खाएं या सर्जरी कराएं या ये क्यों होता है और 'अकल दाढ़' सर्जरी पर कितना खर्च आता है। ये सारी बातें हम डॉ. नीतू कुमावत, डेंटल सर्जन से जानेंगे-
डॉ. नीतू ने बताया, "विजडम टीथ (Wisdom Teeth) या 'अकल दाढ़' एक आम समस्या है। इसके दर्द से भारत के अधिकतर लोग जूझ रहे हैं। कई बार इसका दर्द भयानक होता है। ऐसे में लोग डॉक्टर के पास पहुंच जाते हैं। कई केस में लोग दर्द महसूस नहीं पाते इसलिए नजरअंदाज कर देते हैं।"
ये इंसान के मुंह के सबसे पीछे निकलने वाले आखिरी दांत होते हैं, जो आमतौर पर 17 से 25 साल या 30 की उम्र के बीच आते हैं। हालांकि, ये किसी उम्र में भी निकल सकता है। इन्हें 'तीसरी दाढ़' भी कहते हैं। इनकी जरुरत नहीं होती है। इनको निकालना अधिक सुरक्षित है।
उन्होंने बताया कि आधुनिक मानव के जबड़े का आकार समय के साथ छोटा होता गया है, जबकि दांतों की संख्या वही है। इसी वजह से अकल दाढ़ को बाहर निकलने के लिए पर्याप्त जगह नहीं मिल पाती। कई लोग सोचते हैं किसी गलती या लापरवाही से ऐसा होता है जबकि, ऐसा नहीं है।
जब दांत मसूड़े के अंदर ही फंस जाता है या टेढ़ा निकलने लगता है, तो इसे 'इम्पैक्टेड विजडम टूथ' कहते हैं। ये सबसे दर्दनाक होता है। इसका दर्द सहना मुश्किल होता है। कई मामलों में तो इसके दर्द को पेनकिलर से भी कम करना मुश्किल होता है। ऐसे में इसे निकालना ही पड़ता है।
अकल दाढ़ को लेकर डॉक्टर ने कुछ जोखिम को बताया है। आप इनको नीचे समझ सकते हैं। इसके बाद शायद आप खुद समझ जाएंगे कि ये निकलवाना सही होता है या नहीं-
AIIMS (नई दिल्ली) और इंडियन डेंटल एसोसिएशन (IDA) के विशेषज्ञों के अनुसार, हर अकल दाढ़ को निकालने की जरूरत नहीं होती। लेकिन यदि इसमें दर्द, सूजन या संक्रमण के लक्षण दिखें, तो एक्स-रे (OPG) करवाना अनिवार्य है। इसके बाद डॉक्टर की सलाह लेकर सर्जरी करा सकते हैं।
वो कहती हैं, इन दांतों का जबड़े के अंदर रहना दर्दनाक होता है। साथ ही बाहर निकले दांतों में फूड का फंसना, सड़ना… ये सारी चीजें हेल्दी दांतों को खराब करने के लिए काफी हैं। इसलिए, इनको समय पर निकलवा देना सबसे सही विकल्प है। साथ ही अकल दाढ़ के कारण गाल-जीभ कट जाते हैं। इससे अन्य प्रकार की समस्या भी हो सकती है। इसलिए इसे निकाल देना चाहिए।
भारत में विजडम टीथ निकलवाना एक सामान्य प्रक्रिया है, लेकिन इसका खर्च शहर और केस की जटिलता पर निर्भर करता है। हमारे यहां सर्जरी का खर्च 5000 रुपए तक आता है। हालांकि, ये खर्च डॉक्टर या अस्पताल के हिसाब से बढ़ या घट भी सकता है। इसके अलावा इसका कोई और सुरक्षित विकल्प और स्थायी इलाज नहीं है।
डॉक्टर ने ये भी स्पष्ट किया है कि अकल दाढ़ को निकलवाने के बाद वहां पर अलग से दांत लगाने की आवश्यकता नहीं है। उसके अलावा कोई अन्य दांत निकाला जाता है तो उसकी जगह पर दांत लगाना जरूरी होता है।
आजकल कई इंश्योरेंस कंपनियां डेंटल इंश्योरेंस करती हैं। इसमें ये कवर हो जाता है। अगर आप पैसे बचाने की सोच रहे हैं। आप अलग से डेंटल इंश्योरेंस लें। इसमें रेगुलर चेकअप, स्केलिंग, फिलिंग, रूट कैनाल, और सर्जरी के खर्चों को कवर होता है।
Updated on:
09 Jan 2026 12:10 pm
Published on:
09 Jan 2026 09:00 am
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