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Abroad Jobs: विदेशों में नौकरी पाने के लिए क्या चाहिए? ये 5 स्किल हैं आपके लिए गेम चेंजर!

Career Growth: विदेशों में शानदार पैकेज और नौकरी पाने के लिए तकनीकी दक्षता के साथ संवाद कौशल भी जरूरी है। इन 5 स्किल्स को सीखकर आप ग्लोबल जॉब मार्केट में अपनी सफलता सुनिश्चित कर सकते हैं।
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भारत

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MI Zahir

Aug 18, 2026

Job In Abroad News

ग्लोबल जॉब मार्केट में अपनी पहचान बनाएं,इन 5 जरूरी स्किल्स के साथ विदेश में शानदार करियर की शुरुआत करें! (फोटो: AI)

विदेशों में काम करने की चाह रखने वाले भारतीय पेशेवरों के लिए आवश्यक स्किल्स क्या हैं और उन्हें कैसे तैयार किया जाए, यह सवाल आज पहले से कहीं अधिक प्रासंगिक हो गया है। वैश्विक नौकरी बाजार में प्रतिस्पर्धा बढ़ रही है, तकनीकी बदलाव तेज हैं और काम करने का तरीका बदल रहा है। इस लेख में हम देखेंगे कि कौन-कौन से कौशल सबसे जरूरी हैं, भारत में वर्तमान स्थिति क्या है और आप स्वयं को कैसे बेहतर तरीके से तैयार कर सकते हैं।

अंग्रेजी: केवल भाषा नहीं, वैश्विक संवाद की कुंजी

अंग्रेजी भाषा की दक्षता अब वैश्विक कार्यक्षेत्र में एक अनिवार्य कौशल बन चुकी है। एक हालिया रिपोर्ट के अनुसार, भारत में 91% नियोक्ता मानते हैं कि प्रतिस्पर्धी नौकरी बाजार में अंग्रेजी दक्षता की आवश्यकता बढ़ गई है, जबकि वैश्विक औसत 81% है। साथ ही, 94% एचआर निर्णयकर्ताओं का कहना है कि वैश्विक सहयोग की बढ़ती मांग के कारण अंग्रेजी की मांग और बढ़ रही है।

एआई के बढ़ते उपयोग से अंग्रेजी की भूमिका हुई और महत्वपूर्ण

एआई के बढ़ते उपयोग ने भी अंग्रेजी की भूमिका को और महत्वपूर्ण बना दिया है। 87% भारतीय एचआर लीडर्स का मानना है कि एआई के इस्तेमाल से अंग्रेजी की मांग बढ़ती है; 99% का कहना है कि एआई टूल्स की प्रभावशीलता अंग्रेजी पर निर्भर करती है; और 98% के अनुसार एआई-जनित जानकारी की सटीकता व प्रभावी प्रॉम्प्ट निर्माण अंग्रेजी पर आधारित है। इसका अर्थ यह है कि अंग्रेजी केवल संवाद का माध्यम नहीं, बल्कि वैश्विक कार्यक्षेत्र में आपकी कार्यक्षमता को आकार देने वाला आधार है।

डिजिटल, डेटा और साइबर सुरक्षा कौशल: भविष्य की मांग

NIIT इंडिया स्किल्स गैप रिपोर्ट 2026 के अनुसार, डिजिटल, डेटा और साइबर सुरक्षा कौशल अब हर उद्योग और भूमिका में बुनियादी क्षमता बन चुके हैं। यह रिपोर्ट लगभग 3,500 छात्रों, पेशेवरों और नियोक्ताओं से प्राप्त जानकारी पर आधारित है।

इसके अतिरिक्त, मर्सर की ग्रेजुएट स्किल इंडेक्स 2025 रिपोर्ट बताती है कि भारतीय स्नातकों में एआई और एमएल तकनीकी कौशल में रोजगारयोग्यता 46% है, सीखने के लचीलेपन (learning agility) में लगभग 46% है और कुल रोजगारयोग्यता लगभग 42.6% है। इन आंकड़ों से साफ है कि तकनीकी दक्षता के साथ-साथ सीखने की क्षमता और डिजिटल समझ भी वैश्विक स्तर पर अनिवार्य है।

टेक्निकल स्किल्स: SQL, Python, Docker जैसे टूल्स की मांग

सीवी प्राइम रिसर्च की 'इन-डिमांड स्किल्स रिपोर्ट—इंडिया 2026' के अनुसार, SQL, Python और Docker सबसे अधिक मांग वाली स्किल्स हैं, जिनकी जरूरत विभिन्न भूमिकाओं में तेजी से बढ़ रही है। यह रिपोर्ट 49 विभिन्न जॉब प्रोफाइल्स और 341 स्किल्स का विश्लेषण करती है तथा दर्शाती है कि तकनीकी और विश्लेषणात्मक क्षमताएं अब गैर-तकनीकी भूमिकाओं में भी महत्वपूर्ण हो गई हैं।

सॉफ्ट स्किल्स: संवाद, अनुकूलन व समस्या समाधान

वैश्विक और भारतीय दोनों संदर्भों में संवाद (Communication), समस्या समाधान (problem-solving), अनुकूलनशीलता (adaptability), टीम वर्क और सीखने की इच्छा जैसे मूलभूत कौशल अत्यंत महत्वपूर्ण हैं। विशेष रूप से भारत में नियोक्ता संवाद कौशल, अनुकूलन क्षमता और सीखने की ललक को सबसे अधिक प्राथमिकता देते हैं। ये कौशल आपको बदलते वैश्विक कार्यक्षेत्र में टिके रहने और आगे बढ़ने में मदद करते हैं।

वैश्विक प्रमाण-पत्र और अनुभव: विश्वसनीयता और अवसर

अंतरराष्ट्रीय नौकरी चाहने वालों के लिए वैश्विक स्तर पर मान्यता प्राप्त प्रमाणपत्र (जैसे OSHA, NEBOSH, HSE या उपकरण संचालन लाइसेंस-फोर्कलिफ्ट व क्रेन आदि) होना एक बड़ा लाभ है। इसके अलावा विदेशी अनुभव, इंटर्नशिप, वॉलंटियरिंग या अंतरराष्ट्रीय टीमों के साथ काम करने का अनुभव आपकी प्रोफाइल को मजबूत बनाता है।

भारत में कौशल विकास की स्थिति: सुधार की राह पर

स्किल इंडिया मिशन और इंडिया स्किल्स रिपोर्ट 2026 के अनुसार, भारत में रोजगारयोग्यता 2020 के 46% से बढ़कर 2026 में 56.4% हो गई है। इसके अतिरिक्त 'इंडिया स्किल्स एक्सेलेरेटर' पहल, जिसे जनवरी 2026 में केंद्रीय मंत्रिमंडल ने मंजूरी दी, वैश्विक कौशल अंतर को पाटने और भारत को वैश्विक प्रतिभा केंद्र बनाने की दिशा में एक अहम कदम है।

आप खुद को कैसे तैयार कर सकते हैं?

  1. अंग्रेजी दक्षता बढ़ाएं और मान्यता प्राप्त परीक्षाओं (जैसे IELTS, TOEFL, PTE) के माध्यम से इसे प्रमाणित करें।
  2. SQL, Python, Docker जैसे तकनीकी कौशल ऑनलाइन प्लेटफॉर्म्स या कोर्सेज के माध्यम से सीखें।
  3. डिजिटल, डेटा और साइबर सुरक्षा की बुनियादी समझ विकसित करें।
  4. संवाद, समस्या समाधान, अनुकूलन और सीखने की क्षमता जैसे सॉफ्ट स्किल्स पर काम करें—इंटरव्यू, ग्रुप प्रोजेक्ट्स या वॉलंटियरिंग के माध्यम से।
  5. अंतरराष्ट्रीय प्रमाण-पत्र (जैसे OSHA, NEBOSH) प्राप्त करें और वैश्विक स्तर का अनुभव हासिल करें।
  6. अपनी स्किल्स को प्रदर्शित करने के लिए LinkedIn जैसे पेशेवर नेटवर्किंग प्लेटफॉर्म्स पर सक्रिय रहें।

अंग्रेजी दक्षता, तकनीकी कौशल और सॉफ्ट स्किल्स का सही संतुलन जरूरी

वैश्विक नौकरी बाजार में सफल होने के लिए अंग्रेजी दक्षता, तकनीकी कौशल, डिजिटल समझ और सॉफ्ट स्किल्स का सही संतुलन जरूरी है। भारत में रोजगारयोग्यता में निरंतर सुधार हो रहा है, लेकिन वैश्विक प्रतिस्पर्धा में आगे रहने के लिए स्वयं को लगातार अपग्रेड और प्रमाणित करते रहना होगा। छोटे लेकिन सही कदमों से शुरुआत करके आप अंतरराष्ट्रीय अवसरों के लिए पूरी तरह तैयार हो सकते हैं।