
सांकेतिक इमेज (सोर्स- Chatgpt)
आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की दुनिया में एक ऐसी संभावना पर बहस तेज है, जो अब तक विज्ञान की कहानियों का हिस्सा मानी जाती थी। अब चर्चा हो रही है कि क्या AI बिना इंसानी मदद के खुद को बेहतर बना सकता है? एंथ्रोपिक के सह-संस्थापक जैक क्लार्क ने इस 'रिकर्सिव सेल्फ-इम्प्रूवमेंट' (RSI) की संभावना पर विस्तार से अपनी राय रखी है। हालांकि, यह अभी एक आकलन है, हकीकत नहीं।
RSI का मतलब है कि कोई AI मॉडल अपने जैसी या उससे बेहतर AI तकनीक पर शोध करे, उससे ज्यादा सक्षम अगली पीढ़ी बनाए और वह नई AI आगे की पीढ़ी को जन्म दे। अभी तक AI का विकास इस पर टिका है कि कितने मानव वैज्ञानिक उस पर काम कर रहे हैं। RSI आने पर यह निर्भरता घट सकती है।
कई रिपोर्टों में कहा जा रहा है कि RSI 2027 तक हकीकत बन जाएगा, पर यह सटीक नहीं है। क्लार्क ने 'X' पर लिखा था कि 2028 के अंत तक RSI होने की 60 प्रतिशत संभावना है। उन्होंने अपने न्यूजलेटर 'इम्पोर्ट AI' में 2027 के अंत तक की संभावना 30 प्रतिशत बताई और 2028 को ज्यादा संभावित पड़ाव माना।
एंथ्रोपिक के सह-संस्थापक जैक क्लार्क के मुताबिक, अगर RSI को लेकर किए जा रहे दावे सच नहीं हुए, तो मौजूदा तरीकों में शायद कोई बुनियादी दीवार आ गई होगी। यानी 2027 तक 'पक्की हकीकत' का दावा सही नहीं है। वह एक संभावना है और 2028 मुख्य समय-सीमा है।
क्लार्क का तर्क मुख्यतः बेंचमार्क के रुझानों पर आधारित है। असली GitHub समस्याएं हल करने वाला टेस्ट SWE-Bench 2023 के अंत में क्लॉड 2 के समय करीब 2 प्रतिशत पर था, जबकि क्लॉड मिथॉस प्रीव्यू का स्कोर 93.9 प्रतिशत बताया गया है। एंथ्रोपिक के एक आंतरिक टेस्ट में, जिसमें मॉडल को छोटे भाषा-मॉडल का ट्रेनिंग कोड तेज करना होता है, औसत स्पीडअप मई 2025 के 2.9 गुना से अप्रैल 2026 में 52 गुना हो गया। आउटलुक बिजनेस के अनुसार मई 2026 तक एंथ्रोपिक के अपने कोडबेस में जुड़ने वाले कोड का 80 प्रतिशत से ज्यादा क्लॉड ने लिखा।
क्लार्क मानते हैं कि AI ने अभी वैसी रचनात्मक सफलता नहीं दिखाई है, जैसी ट्रांसफॉर्मर या मिक्स्चर-ऑफ-एक्सपर्ट्स जैसी खोजों में दिखी थी। यानी AI शोध को पूरी तरह स्वचालित करने के लिए अभी कुछ रचनात्मक छलांग बाकी हैं।
विशेषज्ञों की चिंता यह है कि सुरक्षा की रफ्तार तकनीक से पीछे रह सकती है। क्लार्क को आशंका है कि आज की अलाइनमेंट तकनीकें RSI के दौरान टूट सकती हैं, जब AI उन्हें निगरानी करने वाले इंसानों या सिस्टमों से कहीं ज्यादा स्मार्ट हो जाएगा। इसके अलावा लगातार पीढ़ियों में छोटी त्रुटियां भी जमा होती जाती हैं, जब तक कि सुरक्षा तकनीक 100 प्रतिशत सटीक न हो। ऐसे में अगर सिस्टम 'ब्लैक बॉक्स' बन जाए, तो उसमें प्रभावी 'ऑफ स्विच' बनाना भी कठिन हो सकता है।
हर कोई इससे सहमत नहीं। AI शोधकर्ता हर्बी ब्रैडली ने क्लार्क के तर्क के कुछ हिस्सों पर आपत्ति जताई है। एक अन्य विश्लेषण में पूरी तरह एंड-टू-एंड RSI की इतनी जल्दी संभावना 10 प्रतिशत से कम आंकी गई।
न्यूयॉर्क यूनिवर्सिटी के गैरी मार्कस ने कहा कि एंथ्रोपिक असल में रोक नहीं चाहता और यह उसकी संभावित आईपीओ से पहले की बयानबाजी हो सकती है। ध्यान रहे कि क्लार्क एंथ्रोपिक के सह-संस्थापक हैं, इसलिए उनके आकलन को कंपनी के हितों के संदर्भ में भी देखा जाना चाहिए।
कुल मिलाकर एंथ्रोपिक के नए संस्थान ने RSI के शुरुआती चेतावनी-संकेतों के लिए मानक विकसित करने की बात कही है। बहस का सार यही है कि चाहे समय-सीमा 2027 हो, 2028 या उसके बाद, तकनीक की रफ्तार के साथ सुरक्षा और निगरानी की तैयारी भी जरूरी है।
Updated on:
16 Oct 2026 05:12 pm
Published on:
16 Oct 2026 05:12 pm
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