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धर्मेंद्र प्रधान रहे सबसे ‘विवादित’ शिक्षा मंत्री! 4 बड़े विवाद, अब इस्तीफे के ‘दाग’ से भी खुद को बचा ना पाए

Dharmendra Pradhan Resignation : जुलाई 2021 में धर्मेंद्र प्रधान पहली बार केंद्रीय शिक्षा मंत्री और दुबारा 2024 में बनाए गए। लेकिन, प्रधान विवादों में भी टॉप पर रहे हैं। आइए, भारत के शिक्षा मंत्रियों के विवाद का इतिहास खंगालते हैं।
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भारत

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Ravi Gupta

Jul 21, 2026

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Dharmendra Pradhan | फाइल फोटो | Credit- PIB and Design- ChatGPT AI

Dharmendra Pradhan Resignation :जुलाई 2021 में धर्मेंद्र प्रधान पहली बार केंद्रीय शिक्षा मंत्री और दुबारा 2024 में। इसी जुलाई माह में 25 तारीख को छात्रों के आक्रोश के कारण इस्तीफा देना पड़ा है। लंबे समय से जंतर-मंतर पर इनके इस्तीफे को लेकर मांग चल रही थी।

इनके कार्यकाल में केवल नीट और नेट पेपर लीक के करीब 4 बड़े मामले सामने आए। पर, सिर्फ पेपर लीक नहीं कई ऐसे राष्ट्रीय स्तर के विवादित मामले भी हैं।

इसे धर्मेंद्र प्रधान का दुर्भाग्य कहें या संयोग! यह इनके कार्यकाल में सबसे अधिक हुआ है।

सिर्फ शिक्षा मंत्री नहीं बल्कि, पेट्रोलियम मंत्री के कार्यकाल के दौरान भी कई गंभीर आरोप लगे और विवादों में रहे। यही सारे विवाद बताते हैं - धर्मेंद्र प्रधान अब तक के सबसे "विवादित" शिक्षा मंत्री हैं!

धर्मेंद्र प्रधान के कार्यकाल में कितनी बार पेपर लीक हुआ?

यदि केवल राष्ट्रीय स्तर की परीक्षाओं में पुष्टि/गंभीर सरकारी कार्रवाई वाले पेपर लीक या परीक्षा को देखें तो कम से कम 3 बड़े मामले सीधे धर्मेंद्र प्रधान के शिक्षा मंत्री रहते हुए सामने आए हैं। अगर उन परीक्षाओं को भी जोड़ें जिनमें पेपर लीक के आरोप, साइबर समझौता या बड़े स्तर की परीक्षा अनियमितताएं हुईं, तो संख्या 4–5 प्रमुख विवाद तक पहुंचती है।

परीक्षा (वर्ष)क्या हुआ?
NEET-UG (2021)राजस्थान समेत कई राज्यों में गिरफ्तारियां
NEET-UG (2024)बिहार-गुजरात पेपर लीक, CBI जांच
UGC-NET (2024)परीक्षा रद्द
NEET-UG (2026)परीक्षा रद्द, CBI जांच

भारत के शिक्षा मंत्रालय के बड़े विवाद

आजादी के बाद से शिक्षा मंत्रालय बार-बार भाषा, आरक्षण, पाठ्यक्रम और परीक्षा प्रणाली को लेकर विवादों के केंद्र में रहा है। नीचे प्रमुख विवाद वर्ष, तत्कालीन प्रधानमंत्री और शिक्षा मंत्री के साथ देख सकते हैं-

प्रधानमंत्रीशिक्षा मंत्रीविवाद
1965 • लाल बहादुर शास्त्रीएम.सी. चागलाहिंदी विरोधी आंदोलन
1967 • इंदिरा गांधीत्रिगुण सेनक्षेत्रीय भाषा विवाद
1990 • वी.पी. सिंहवी.पी. सिंहमंडल आयोग आरक्षण
2002 • अटल बिहारी वाजपेयीमुरली मनोहर जोशीNCERT भगवाकरण विवाद
2006 • मनमोहन सिंहअर्जुन सिंहOBC आरक्षण विरोध
2013–14 • मनमोहन → मोदीकपिल सिब्बल → स्मृति ईरानीFYUP विवाद
2016 • नरेंद्र मोदीस्मृति ईरानीरोहित वेमुला–JNU विवाद
2020 • नरेंद्र मोदीरमेश पोखरियाल 'निशंक'NEP व JEE-NEET विवाद
2024–25 • नरेंद्र मोदीधर्मेंद्र प्रधानNCERT इतिहास विवाद
2025 • नरेंद्र मोदीधर्मेंद्र प्रधानत्रिभाषा नीति विवाद
जून 2026 • नरेंद्र मोदीधर्मेंद्र प्रधान'डांसिंग गर्ल' चित्र विवाद
जुलाई 2026 • नरेंद्र मोदीधर्मेंद्र प्रधानNEET पेपर लीक विवाद

नोट: 2013-2014 के दौरान सरकार बदल गई थी। मनमोहन सिंह (कांग्रेस) की जगह नरेंद्र मोदी (भाजपा) प्रधानमंत्री बने, और साथ ही शिक्षा मंत्री भी बदले। कपिल सिब्बल की जगह स्मृति ईरानी आईं। यही वजह है कि इस विवाद (FYUP) में दोनों पीएम और दोनों मंत्री दर्ज हैं, क्योंकि मामला एक सरकार में शुरू हुआ और अगली सरकार में सुलझा।

अब तक भारत में शिक्षा मंत्री पद से इस्तीफे का सच

सच यह है कि केंद्र में किसी भी शिक्षा मंत्री का विशुद्ध रूप से नीतिगत असहमति के कारण, शिक्षा मंत्री पद से सीधा इस्तीफा देने का कोई ठोस, प्रमाणित उदाहरण नहीं मिलता। जो एक स्पष्ट मामला मिलता है, वह स्वास्थ्य कारणों से जुड़ा है:

1. डॉ. रमेश पोखरियाल 'निशंक'

  • प्रधानमंत्री: नरेंद्र मोदी
  • पार्टी: भारतीय जनता पार्टी (BJP)
  • वर्ष: 7 जुलाई 2021
  • कारण: कोरोना संक्रमण के बाद पोस्ट-कोविड बीमारियों से जूझ रहे थे और दिल्ली एम्स के आईसीयू में लंबे समय भर्ती रहे। मीडिया रिपोर्ट्स में इसे कैबिनेट विस्तार के दौरान "हटाया जाना" भी बताया गया, पर आधिकारिक तौर पर इसे स्वैच्छिक इस्तीफा बताया गया। उनकी जगह धर्मेंद्र प्रधान को शिक्षा मंत्री बनाया गया।

2. अन्य नाम जिनके बारे में अक्सर पूछा जाता है

  • स्मृति ईरानी (2014-2016, HRD मंत्री): रोहित वेमुला आत्महत्या, ईरानी का डिग्री विवाद और IIT/JNU जैसे मुद्दों पर आलोचना हुई, पर उन्हें फेरबदल में मंत्रालय बदला गया, इस्तीफा नहीं दिया। मीडिया रिपोर्ट्स में इसे कैबिनेट विस्तार के दौरान "हटाया जाना" भी बताया गया।
  • कपिल सिब्बल, अर्जुन सिंह, मुरली मनोहर जोशी: कोई पुष्ट इस्तीफा नहीं मिलता - सामान्य कार्यकाल समाप्ति या सरकार बदलने पर मंत्रालय छोड़ा।

पेट्रोलिमय मंत्री रहते भी खूब लगे आरोप

  • 2018:बीजू जनता दल (BJD) ने आरोप लगाया कि पारादीप में एक हिस्ट्रीशीटर के परिवार को नियमों के विरुद्ध IOCL पेट्रोल पंप आवंटित किया गया।
  • 2017:ओडिशा विजिलेंस ने कालाबाजारी और मिलावट के आरोपों पर उनके भाई सौमेंद्र प्रधान की गैस एजेंसी व पेट्रोल पंपों पर छापे मारे और केस दर्ज किया।
  • 2014–2021:कांग्रेस समेत विपक्ष ने अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चा तेल सस्ता होने के बावजूद पेट्रोल-डीजल पर ऊंचे टैक्स और बढ़ती कीमतों को लेकर लगातार सरकार और तत्कालीन पेट्रोलियम मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को घेरा।

इस्तीफा के 'दाग' से भी खुद को बचा ना पाए

केंद्रीय शिक्षा मंत्री ने इस्तीफा दे दिया है। अब देखना है पेपर लीक को लेकर सरकार और क्या-क्या ठोस कार्रवाई करती है। साथ ही नया शिक्षा मंत्री कौन बनता है?