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आप सफल उद्यमी बनना चाहते हैं? जानें सोशल मीडिया की ताकत और बिजनेस बढ़ाने का नया फंडा

व्यवसाय की ग्रोथ के लिए डिजिटल मार्केटिंग की भूमिका महत्वपूर्ण है। आज के दौर में विभिन्न सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के जरिए डिजिटल मार्केटिंग आसान हो गई है। सोशल मीडिया पर सक्रियता छोटे व्यवसायों को बड़ी पहचान दिलाने, ग्राहकों को जोड़ने और बिक्री बढ़ाने में सहायक सिद्ध हो रही है।
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भारत

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Vinay Shakya

•

Updated: 23 Oct 2026, 8:08 PM IST

digita marketing

सांकेतिक इमेज (सोर्स- Janani)

डिजिटल मार्केटिंग में बदलाव छोटे व्यवसायों के लिए अब सिर्फ एक विकल्प नहीं, बल्कि आवश्यक रणनीति बन चुका है। सोशल मीडिया पर उपस्थिति से छोटे व्यापारों को पहचान, ग्राहक जुड़ाव और बिक्री तीनों में बढ़त मिल रही है। आइए समझते हैं कि यह बदलाव क्यों महत्वपूर्ण है? आप इस बदलाव को अपने व्यवसाय में कैसे लागू कर सकते हैं?

व्यवसाय के लिए सोशल मीडिया क्यों अहम?

एक रिपोर्ट के अनुसार, भारत में रिटेल ब्रांड और उत्पाद की खोज का 77% हिस्सा सोशल मीडिया पर होता है, जिसमें इंस्टाग्राम और फेसबुक का योगदान 96% है। इसका अर्थ यह है कि ग्राहक अब दुकान पर आने से पहले या ऑनलाइन खरीदारी से पहले सोशल मीडिया पर ही ब्रांड को खोजते और समझते हैं। इसके अलावा, शॉर्ट-फॉर्म वीडियो जैसे रील्स और शॉर्ट्स सबसे अधिक पहुंच वाले फॉर्मेट बन गए हैं। साथ ही 97% उपभोक्ता इन्हें रोज देखते हैं, जबकि फेसबुक और इंस्टाग्राम पर वीडियो पर बिताया गया समय 60% है। छोटे व्यवसायों के लिए यह एक बड़ा अवसर है, कम संसाधनों में भी वीडियो के माध्यम से प्रभावी जुड़ाव बनाया जा सकता है।

सोशल मीडिया से मिलने वाले लाभ एक अध्ययन में पाया गया कि भारतीय एसएमई द्वारा सोशल मीडिया मार्केटिंग, एसईओ और कंटेंट क्रिएशन अपनाने से ग्राहक आधार और बिक्री में वृद्धि हुई है। दूसरी ओर, एक शोध में यह स्पष्ट हुआ कि सोशल मीडिया अपनाने से छोटे व्यवसायों की नवाचार क्षमता और दीर्घकालिक प्रदर्शन में सुधार होता है। यह दर्शाता है कि सोशल मीडिया केवल प्रचार का माध्यम नहीं, बल्कि व्यवसाय को आगे बढ़ाने का रणनीतिक साधन है।

व्यवसाय का प्रचार कैसे शुरू करें?

सबसे पहले, एक तेज और मोबाइल-फ्रेंडली वेबसाइट तथा Google Business Profile बनाना आवश्यक है। यही डिजिटल मार्केटिंग की नींव है। इसके बाद, सोशल मीडिया पर एक या दो प्लेटफॉर्म चुनें, जैसे- इंस्टाग्राम और व्हाट्सएप। सिर्फ सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर अकाउंट बनाना ही काफी नहीं है। अच्छे रिजल्ट के लिए सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर लगातार सक्रिय रहें।

शोध बताता है कि छोटे व्यवसायों को एक या दो चैनलों पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए, बजाय कई पर अधूरा प्रयास करने के। व्हाट्सएप बिजनेस एपीआई की लागत अब प्रति सेशन ₹0.30–₹0.85 है, और इसकी ओपन रेट ईमेल से 8–10 गुना अधिक (38% बनाम 4–7%) है। यह दर्शाता है कि व्हाट्सएप संवाद और बिक्री दोनों के लिए एक प्रभावी माध्यम बन चुका है।

ब्रांड की विश्वसनीयता और जुड़ाव

लिंक्डइन की एक रिपोर्ट के अनुसार, भारत में 77% छोटे व्यवसाय मार्केटर्स कहते हैं कि ग्राहक ब्रांड को आपके चैनलों से नहीं, बल्कि अपने नेटवर्क से जांचते हैं। साथ ही, 86% मानते हैं कि वीडियो अब इंटरनेट की नई भाषा है, जो जुड़ाव के लिए आवश्यक है। इसका अर्थ है कि सोशल मीडिया पर वास्तविक, भरोसेमंद और वीडियो आधारित कंटेंट से ग्राहक का विश्वास और जुड़ाव बढ़ता है।