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देश में EV चार्जिंग स्टेशन 52 हजार, लेकिन क्या सभी चालू हैं? सामने आई ईवी नेटवर्क की असली तस्वीर

देश में ईवी चार्जिंग नेटवर्क तेजी से बढ़ रहा है, लेकिन हर शहर में सुविधा और भरोसेमंद सेवा एक जैसी नहीं है।
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भारत

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Ravi Gupta

Aug 18, 2026

ev charging station india 2026

प्रतीकात्मक तस्वीर | ChatGPT

भारत में इलेक्ट्रिक वाहनों (ईवी) की बढ़ती लोकप्रियता के साथ चार्जिंग नेटवर्क का विस्तार भी तेजी से हो रहा है। लेकिन क्या यह नेटवर्क आपके शहर तक पहुंच रहा है? आइए जानें कि वर्तमान में क्या स्थिति है, कौन‑से शहर आगे हैं, और आम शहरी उपयोगकर्ता के लिए इसका क्या अर्थ है।

शहरी चार्जिंग नेटवर्क की वर्तमान स्थिति

देश में अब सार्वजनिक ईवी चार्जिंग स्टेशनों की संख्या 52,718 तक पहुंच चुकी है, जिनमें से 16,561 हाई‑स्पीड (फास्ट) चार्जर हैं, जैसा कि संसद में जानकारी दी गई थी। यह आंकड़ा मार्च 2026 तक का है और यह दर्शाता है कि चार‑पहिया कार मालिकों के लिए लंबी दूरी की यात्रा अब पहले से अधिक आसान हो रही है।

चार्जिंग के लिए सरकारी योजनाएं

सरकार ने FAME‑II योजना के तहत 912.50 करोड़ रुपये और PM E‑DRIVE योजना के तहत 2,000 करोड़ रुपये चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर के विस्तार के लिए मंजूर किए हैं। PM E‑DRIVE के तहत लगभग 4,874 नए चार्जर स्वीकृत किए गए हैं, जिनका बजट ₹503.86 करोड़ है। यह निवेश चार्जिंग नेटवर्क को और मजबूत करने की दिशा में एक बड़ा कदम है।

राज्यवार स्थिति: दिल्ली और हरियाणा की कहानी

दिल्ली में चार्जिंग नेटवर्क का विस्तार काफी तेज है। सरकार ने 2028 तक 32,000 चार्जिंग प्वाइंट्स स्थापित करने का लक्ष्य रखा है, जिसके लिए केंद्र सरकार ने ₹127 करोड़ की मंजूरी दी है।

इसके अलावा, दिल्ली सरकार ने निजी और अर्ध‑सार्वजनिक स्थानों पर कम से कम 30,000 चार्जिंग प्वाइंट्स लगाने की योजना बनाई है, जिससे किराना स्टोर, मॉल, अस्पताल आदि में चार्जिंग सुविधा उपलब्ध हो सके।

वहीं, हरियाणा के फरीदाबाद जिले में स्थिति अभी चुनौतीपूर्ण है। जिले में करीब 25,000 ई‑वाहन पंजीकृत हैं, लेकिन सार्वजनिक चार्जिंग सुविधा लगभग नहीं के बराबर है। हालांकि, राज्य सरकार ने बिल्डिंग कोड में संशोधन प्रस्तावित किया है, जिसके तहत मॉल और आवासीय परिसरों में चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर अनिवार्य किया जाएगा।

कितने स्टेशन वास्तव में काम कर रहे हैं?

कुछ रिपोर्टों के अनुसार, मार्च 2025 तक देश में 25,852 सार्वजनिक चार्जिंग स्टेशन थे, जो 2022 के अंत में लगभग 5,151 थे - यह पांच गुना वृद्धि है। लेकिन एक अन्य स्रोत के अनुसार, 2026 की शुरुआत में कुल 27,737 स्टेशन थे, जिनमें से लगभग 22,753 ही सक्रिय थे। इससे स्पष्ट होता है कि नेटवर्क का विस्तार तो हुआ है, लेकिन सभी स्टेशन सक्रिय और विश्वसनीय नहीं हैं।

EV उपयोगकर्ता के लिए इसका अर्थ

शहरी क्षेत्रों में ईवी का उपयोग बढ़ रहा है, लेकिन चार्जिंग सुविधा की उपलब्धता और विश्वसनीयता अभी भी एक चुनौती है। दिल्ली जैसे शहरों में स्थिति बेहतर हो रही है, लेकिन फरीदाबाद जैसे शहरों में अभी बहुत काम किया जाना बाकी है। यदि आपके शहर में चार्जिंग स्टेशन नहीं हैं, तो यह आपके ईवी उपयोग को सीमित कर सकता है।

अपने शहर में चार्जिंग सुविधा चाहते हैं, तो आप निम्नलिखित कदम उठा सकते हैं:

  • स्थानीय नगर निगम या जिला प्रशासन को लिखित रूप में चार्जिंग स्टेशन की मांग भेजें।
  • यदि आपके परिसर या कार्यालय में पार्किंग है, तो वहां चार्जिंग प्वाइंट लगाने के लिए डी‑लाइसेंस्ड गतिविधि (जैसा कि सरकार ने अनुमति दी है) का लाभ उठाएं।
  • स्थानीय विधायक या पार्षद से संपर्क करें और चार्जिंग नेटवर्क विस्तार की मांग करें।
  • यदि आप निजी उद्यमी हैं, तो PM E‑DRIVE या FAME‑II के तहत सब्सिडी और आसान नियमों का लाभ उठाकर चार्जिंग स्टेशन खोल सकते हैं।


आने वाले महीनों में यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि दिल्ली का 32,000 चार्जर का लक्ष्य कितना पूरा होता है, और हरियाणा जैसे शहरों में बिल्डिंग कोड संशोधन से चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर कितना बढ़ता है। साथ ही, यह भी देखना होगा कि कितने स्टेशन वास्तव में काम कर रहे हैं और उपयोगकर्ताओं को भरोसेमंद सेवा मिल रही है।

देश में चार्जिंग नेटवर्क तेजी से बढ़ रहा है, लेकिन यह विस्तार असमान है। दिल्ली जैसे शहरों में स्थिति सुधर रही है, जबकि फरीदाबाद जैसे शहरों में अभी काफी कमी है।