
अदरक और हल्दी के फायदे। (फोटोः एआई)
भारतीय मसालों को लेकर अक्सर “सुपरफूड” या “मिथक” की बहस होती है। क्या ये मसाले सच में हमारी सेहत में चमत्कार कर सकते हैं या यह सिर्फ एक पुरानी धारणा है? चलिए, वैज्ञानिक शोध और भरोसेमंद संस्थानों की रिपोर्टों की मदद से इस सवाल का जवाब जानते हैं।
भारतीय मसालों में सबसे ज्यादा चर्चा में रहने वाले दो मसाले हैं, हल्दी (जिसमें सक्रिय घटक है कर्क्यूमिन) और अदरक। दोनों के स्वास्थ्य लाभों पर कई शोध हुए हैं, लेकिन उनकी सीमाएं और प्रमाणों की गुणवत्ता को समझना जरूरी है।
अमेरिका के नेशनल सेंटर फॉर कम्प्लिमेंटरी एंड इंटीग्रेटिव हेल्थ (NCCIH) के अनुसार, अदरक का उपयोग पारंपरिक रूप से मतली (Nausea), पाचन संबंधी तकलीफ और गठिया जैसी समस्याओं में होता रहा है। मौजूदा शोधों से पता चलता है कि गर्भावस्था में मतली और उल्टी में अदरक लाभदायक हो सकता है, लेकिन मोशन सिकनेस में इसका असर स्पष्ट नहीं है। गठिया में दर्द कम करने में कुछ मदद मिल सकती है।
एक व्यापक समीक्षा में पाया गया कि अदरक गर्भावस्था में उल्टी-मतली, गठिया में दर्द, और रक्त शर्करा नियंत्रण में लाभ दे सकता है। गर्भावस्था में 1.0–2.5 ग्राम/दिन की मात्रा 4–21 दिनों तक लेने पर उल्टी की संभावना कम हो गई। गठिया में 0.5–1.0 ग्राम/दिन की मात्रा 3–12 सप्ताह तक लेने पर दर्द में सुधार देखा गया। रक्त शर्करा नियंत्रण में मध्यम से उच्च प्रभाव पाया गया।
हालांकि, अन्य लाभ जैसे रक्तचाप, वजन प्रबंधन, मासिक धर्म दर्द, ऑपरेशन के बाद की उल्टी, और रक्त लिपिड प्रोफाइल में सुधार के प्रमाण कम मजबूत हैं।
NCCIH के अनुसार, हल्दी में मौजूद कर्क्यूमिन को कई पारंपरिक चिकित्सा प्रणालियों में उपयोग किया गया है, जैसे पाचन, त्वचा संक्रमण, गठिया और लीवर संबंधी समस्याओं में। हालांकि मौजूदा शोधों में इसकी प्रभावशीलता को लेकर स्पष्ट निष्कर्ष नहीं निकले हैं। कुछ प्रारंभिक अध्ययन सकारात्मक संकेत देते हैं, लेकिन उच्च गुणवत्ता वाले प्रमाण की कमी है।
एक व्यापक समीक्षा में पाया गया कि कर्क्यूमिन सुरक्षित है और संभवतः रक्त शर्करा, लिपिड प्रोफाइल, रक्तचाप, सूजन और ऑक्सीडेटिव तनाव, मस्कुलोस्केलेटल रोगों, भावनात्मक और संज्ञानात्मक कार्य, अल्सरेटिव कोलाइटिस, लीवर और गुर्दे के कार्य, मासिक धर्म दर्द, COVID‑19 जैसे कई क्षेत्रों में लाभ दे सकता है।
मधुमेह वाले रोगियों में कर्क्यूमिन ने रक्त शर्करा में औसतन 8.85 mg/dL और HbA1c में 0.54% की कमी दिखाई। नॉन-अल्कोहॉलिक फैटी लिवर डिजीज में भी फास्टिंग ब्लड ग्लूकोज और इंसुलिन प्रतिरोध में सुधार देखा गया, लेकिन HbA1c और इंसुलिन स्तरों पर असर स्पष्ट नहीं था।
एक अद्यतन मेटा‑विश्लेषण में COVID‑19 मरीजों पर कर्क्यूमिन के प्रभाव का अध्ययन किया गया। परिणामों में मृत्यु दर में 61% की कमी, इंटुबेशन की आवश्यकता में कमी, और लक्षणों में तेज सुधार देखा गया। साइड इफेक्ट्स हल्के गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल थे, जो प्लेसबो के समान थे।
| मसाला / घटक | संभावित लाभ (शोध आधारित) |
|---|---|
| अदरक (0.5–2.5 g/दिन) | गर्भावस्था में उल्टी-मतली में कमी, गठिया में दर्द में राहत, रक्त शर्करा नियंत्रण में मदद |
| कर्क्यूमिन (हल्दी) | मधुमेह में शर्करा और HbA1c में कमी, वजन‑लिवर‑मेटाबॉलिक संकेतकों में सुधार, वाउंड हीलिंग, COVID‑19 में सहायक |
वैज्ञानिक प्रमाण बताते हैं कि अदरक और कर्क्यूमिन में कुछ स्वास्थ्य लाभ हो सकते हैं, विशेषकर गर्भावस्था में उल्टी, गठिया, मधुमेह, वाउंड हीलिंग और COVID‑19 में। लेकिन कई मामलों में प्रमाणों की गुणवत्ता सीमित है और प्रभाव हर व्यक्ति पर अलग हो सकता है। इसलिए इन्हें “सुपरफूड” कहना अभी जल्दबाजी होगी। यह कहना बेहतर होगा कि ये मसाले संभावित लाभ दे सकते हैं, लेकिन उन्हें एक औषधि की तरह नहीं, बल्कि एक सहायक आहार के रूप में देखें।
(डिस्क्लेमरः यह लेख डॉक्टर की सलाह का विकल्प नहीं है। यदि आपको कोई गंभीर स्वास्थ्य समस्या है, तो विशेषज्ञ से मिलें।)
Updated on:
23 Aug 2026 06:35 pm
Published on:
23 Aug 2026 06:35 pm
