19 अक्टूबर 2026,

सोमवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

यमन में हूती विद्रोहियों ने ढाया कहर: सैन्य शिविर पर दागीं बैलिस्टिक मिसाइलें, 20 सैनिकों की मौत, कई घायल

यमन में ईरान समर्थित हूती विद्रोहियों ने दक्षिणी प्रांत के सैन्य शिविर पर बैलिस्टिक मिसाइलों से हमला किया। इसमें कम से कम 20 सैनिकों की मौत हुई और कई जवान घायल हुए हैं।
2 min read
Google source verification

भारत

•

image

Vinay Shakya

•

Oct 19, 2026

Houthi rebels fire at military camp in yemen

सांकेतिक इमेज (सोर्स- Chatgpt)

यमन में हूती विद्रोहियों और सरकार समर्थक बलों के बीच संघर्ष लगातार गंभीर होता जा रहा है। सोमवार को दक्षिणी यमन के शबवा प्रांत में सरकारी बलों के सैन्य शिविर पर बैलिस्टिक मिसाइलों से हमला किया गया। इस हमले में कम से कम 20 सैनिकों की मौत हो गई, जबकि 24 दर्जन से अधिक जवान घायल हुए हैं। मरने वालों में ज्यादातर नए भर्ती हुए सैनिक बताए गए हैं। यह हमला ऐसे समय हुआ है, जब यमन में लंबे समय से जारी संघर्ष फिर तेज हो गया है।

हूती विद्रोहियों ने कैसे किया हमला?

ईरान समर्थित हूती विद्रोहियों ने शबवा प्रांत के अल-अलम सैन्य शिविर को निशाना बनाया। यमन की सेना के प्रवक्ता कर्नल माजेद अल-नजिली ने पुष्टि की कि हूतियों ने पुलिस और सुरक्षा बलों के प्रशिक्षण केंद्र पर तीन बैलिस्टिक मिसाइलें दागीं। हालांकि, उन्होंने हताहतों की संख्या पर टिप्पणी नहीं की। यमन की अंतरराष्ट्रीय मान्यता प्राप्त सरकार के दो सैन्य अधिकारियों ने कम से कम 20 सैनिकों की मौत और 24 से अधिक जवानों के घायल होने की जानकारी दी। हूती संचालित समाचार एजेंसी ने भी हमले में कई लोगों के मारे जाने और घायल होने का दावा किया, लेकिन संख्या नहीं बताई।

सैन्य शिविर को निशाना बनाना क्यों अहम है?

अल-अलम सैन्य शिविर शबवा प्रांत की राजधानी अटक के उत्तर में जर्दान जिले में स्थित है। इस शिविर का इस्तेमाल पहले संयुक्त अरब अमीरात के समर्थन वाले एक सशस्त्र समूह ने किया था। यह इलाका सरकार के नियंत्रण वाले मारीब प्रांत तक जाने वाले रास्ते पर स्थित है। यहां से सरकारी बलों को जरूरी सामान और सैन्य आपूर्ति पहुंचाने में मदद मिलती है। एक सैन्य अधिकारी के मुताबिक, हमले में निशाना बनाए गए जवान रैपिड इंटरवेंशन नाम से गठित नई सुरक्षा इकाई का हिस्सा थे। इस बल को इलाके की रक्षा की जिम्मेदारी दी गई थी।

यमन में संघर्ष फिर क्यों बढ़ रहा है?

यमन में हूती विद्रोहियों और सऊदी अरब समर्थित सरकारी बलों के बीच लड़ाई पिछले कई महीनों से तेज हो रही है। क्षेत्र में ईरान और अमेरिका के बीच बढ़े तनाव ने भी हालात को प्रभावित किया है। दोनों पक्षों के बीच बढ़ते संघर्ष ने वर्ष 2022 के उस संघर्षविराम को कमजोर कर दिया, जिसने यमन के गृहयुद्ध में लड़ाई को काफी हद तक रोक दिया था। इसी बीच रविवार को उत्तरी यमन के हूती नियंत्रित सादा प्रांत में हवाई हमला हुआ। हूती प्रशासन के स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार, इसमें कम से कम नौ लोगों की मौत हुई, जिनमें पांच बच्चे और दो महिलाएं शामिल थीं। हूतियों ने इसके लिए सऊदी नेतृत्व वाले बलों को जिम्मेदार ठहराया। सप्ताहांत के कई हमलों में 30 से अधिक लोगों के मारे जाने या घायल होने का दावा भी किया गया। सऊदी अरब की ओर से तत्काल कोई टिप्पणी नहीं आई।