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140 करोड़ की आबादी, लेकिन सरकारी नौकरी में कितने लोग? जानिए सरकारी कर्मचारियों का पूरा गणित

Total Government employees in India 2026 : 140 करोड़ की आबादी में कितने लोग सरकारी नौकरी में हैं? जानिए रेलवे, रक्षा, CAPF और राज्य सरकारों के कर्मचारियों का कुल गणित व ताज़ा आंकड़े।
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total government employees in India 2026

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भारत में सरकारी नौकरी को आज भी सबसे सुरक्षित और प्रतिष्ठित रोजगार माना जाता है। हर साल करोड़ों युवा रेलवे, SSC, UPSC, पुलिस, शिक्षक भर्ती और अन्य सरकारी परीक्षाओं में भाग लेते हैं। लेकिन दिलचस्प बात यह है कि जिस सरकारी नौकरी के पीछे इतनी बड़ी प्रतिस्पर्धा है, उसमें काम करने वालों की संख्या देश की कुल आबादी के मुकाबले बेहद कम है। 140 करोड़ से अधिक आबादी वाले भारत में सरकारी कर्मचारियों की कुल संख्या अनुमानित रूप से 1.6 से 2 करोड़ के बीच मानी जाती है, यानी हर 100 भारतीयों में मुश्किल से 1 से 1.5 लोग ही सरकारी नौकरी में हैं।

सरकारी कर्मचारियों की सही संख्या बताना आसान नहीं है, क्योंकि भारत में केंद्र सरकार, राज्य सरकारों, स्थानीय निकायों और विभिन्न सार्वजनिक संस्थानों का अलग-अलग डेटा होता है। कोई एकीकृत राष्ट्रीय डेटाबेस मौजूद नहीं है। फिर भी उपलब्ध आधिकारिक आंकड़ों और विभिन्न अध्ययनों के आधार पर एक तस्वीर सामने आती है। केंद्र सरकार में लगभग 30 से 31 लाख सिविलियन (असैनिक) कर्मचारी हैं। इसके अलावा थल सेना, नौसेना और वायुसेना को मिलाकर लगभग 14.3 लाख सक्रिय सैन्यकर्मी हैं। इस तरह केंद्र सरकार का कुल स्टाफ करीब 44 से 47 लाख के बीच बैठता है। दूसरी ओर, राज्य सरकारों में कर्मचारियों की संख्या 1.2 से 1.5 करोड़ के बीच अनुमानित है, हालांकि इसका कोई एकीकृत आधिकारिक रिकॉर्ड उपलब्ध नहीं है।

रक्षा क्षेत्र में तकरीबन 18 लाख लोग

अगर केंद्र सरकार के सबसे बड़े नियोक्ता की बात करें तो रक्षा क्षेत्र सबसे ऊपर आता है। इसमें सेना के लगभग 14.3 लाख सक्रिय जवानों के साथ करीब 4 लाख रक्षा असैनिक कर्मचारी शामिल हैं। कुल मिलाकर रक्षा क्षेत्र में लगभग 18 लाख लोग कार्यरत हैं। अक्सर सोशल मीडिया या चर्चाओं में रक्षा मंत्रालय में 28-30 लाख कर्मचारियों का दावा किया जाता है, लेकिन उपलब्ध आधिकारिक आंकड़े इस संख्या की पुष्टि नहीं करते। वास्तविक संख्या लगभग 18 लाख के आसपास मानी जाती है।

रेलवे में कुल 12.3 लाख कर्मचारी

रक्षा के बाद भारतीय रेलवे देश का दूसरा सबसे बड़ा सरकारी नियोक्ता है। अप्रैल 2026 तक रेलवे में करीब 12.3 लाख कर्मचारी कार्यरत थे। इनमें लोको पायलट, स्टेशन मास्टर, इंजीनियर, ट्रैक मेंटेनेंस स्टाफ, प्रशासनिक कर्मचारी और सुरक्षा कर्मी शामिल हैं। दिलचस्प बात यह है कि रेलवे में स्वीकृत पदों की संख्या करीब 14.8 लाख है, यानी लाखों पद अभी भी खाली हैं। इसके अलावा रेलवे कई कामों के लिए लगभग 7.5 लाख ठेका कर्मचारियों पर भी निर्भर है, जिन्हें नियमित कर्मचारी संख्या में शामिल नहीं किया जाता।

देश की आंतरिक सुरक्षा संभालने वाले केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल (CAPF) भी बड़े सरकारी नियोक्ताओं में शामिल हैं। जुलाई 2026 तक इन बलों में करीब 10 लाख कर्मचारी कार्यरत थे। इनमें CRPF, BSF, CISF, ITBP, SSB और असम राइफल्स शामिल हैं। अकेले CRPF में ही तीन लाख से अधिक कर्मचारी हैं, जिससे यह देश का सबसे बड़ा केंद्रीय सुरक्षा बल बनता है।

डाक विभाग में 4 लाख कर्मचारी

डिजिटल युग के बावजूद भारतीय डाक विभाग भी बड़े सरकारी नियोक्ताओं में गिना जाता है। नियमित कर्मचारियों और ग्रामीण डाक सेवकों को मिलाकर इसकी संख्या लगभग 4 लाख मानी जाती है। हालांकि इस आंकड़े के लिए कोई हालिया एकीकृत आधिकारिक स्रोत उपलब्ध नहीं है, इसलिए इसे अनुमान के तौर पर ही देखा जाता है।

राज्य सरकारों की बात करें तो सबसे ज्यादा कर्मचारी आमतौर पर शिक्षा विभाग में होते हैं। सरकारी स्कूलों और कॉलेजों में कार्यरत शिक्षक, व्याख्याता और शिक्षा विभाग का प्रशासनिक स्टाफ मिलाकर यह अधिकांश राज्यों का सबसे बड़ा रोजगार क्षेत्र माना जाता है। इसके बाद पुलिस विभाग आता है, जहां सिविल पुलिस, सशस्त्र पुलिस और यातायात पुलिस में बड़ी संख्या में कर्मचारी कार्यरत रहते हैं। स्वास्थ्य विभाग भी राज्यों का एक बड़ा रोजगार क्षेत्र है, जिसमें डॉक्टर, नर्स, ANM और अन्य स्वास्थ्यकर्मी शामिल हैं। इसके अलावा राजस्व और प्रशासनिक विभागों में लेखपाल, पटवारी, तहसील कर्मचारी और सचिवालय कर्मी बड़ी संख्या में कार्य करते हैं।

1.6 से 2 करोड़ लोग सरकारी नौकरी में

सरकारी नौकरियों को लेकर सबसे बड़ा सच यह है कि देश में इनके बारे में जितनी चर्चा होती है, वास्तविक संख्या उतनी बड़ी नहीं है। 140 करोड़ की आबादी में अनुमानित 1.6 से 2 करोड़ सरकारी कर्मचारी होने का मतलब है कि सरकारी नौकरी पाने वाले लोगों का प्रतिशत बहुत छोटा है। यही वजह है कि हर भर्ती परीक्षा में लाखों उम्मीदवार कुछ हजार पदों के लिए प्रतिस्पर्धा करते दिखाई देते हैं।

एक नजर में देखें तो भारत की आबादी 140 करोड़ से अधिक है, केंद्र सरकार में लगभग 30-31 लाख सिविलियन कर्मचारी और 14.3 लाख सक्रिय सैन्यकर्मी हैं। केंद्र सरकार का कुल स्टाफ 44-47 लाख के बीच है, जबकि राज्य सरकारों में अनुमानित 1.2 से 1.5 करोड़ कर्मचारी हैं। रक्षा क्षेत्र लगभग 18 लाख कर्मचारियों के साथ सबसे बड़ा केंद्रीय नियोक्ता है, उसके बाद भारतीय रेलवे (12.3 लाख) और CAPF (करीब 10 लाख) आते हैं। कुल मिलाकर भारत में सरकारी कर्मचारियों की संख्या लगभग 1.6 से 2 करोड़ के बीच मानी जाती है।

सरकारी नौकरी का आकर्षण आने वाले वर्षों में भी बना रहने वाला है, लेकिन आंकड़े बताते हैं कि यह अवसर आबादी के मुकाबले बेहद सीमित हैं। इसलिए हर भर्ती प्रक्रिया में दिखाई देने वाली भारी प्रतिस्पर्धा सिर्फ एक परीक्षा का नहीं, बल्कि भारत के रोजगार ढांचे का भी प्रतिबिंब है।