विश्लेषकों का कहना है कि FPI के रुख में यह अचानक बदलाव, अमेरिका और दक्षिण कोरिया, ताइवान व जापान जैसे अन्य एआई बाजारों में हुई बिकवाली की वजह से आया। यह बिकवाली, अमेरिका में डेटा सेंटर पर होने वाले खर्च को लेकर पैदा हुई चिंताओं के कारण हुई। इसकी वजह हाल में अमेरिका में हुए चुनाव में कांग्रेस के दोनों सदनों में डेमोक्रेट्स की जीत होना है जो डेटा सेंटर पर अंधाधुंध खर्च के खिलाफ हैं।