8 नवंबर 2026,

रविवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

AI शेयरों में बिकवाली से विदेशी निवेशकों के बीच भारत बना पहली पंसद; करीब 46,000 करोड़ रुपए का निवेश

वैश्विक स्तर पर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) शेयरों में बिकवाली के बीच भारतीय शेयर बाजार विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों (FPI) की पहली पंसद बन गया है।
2 min read
Follow Patrika on Google News
Google source verification

भारत

•

image

Vinay Shakya

•

Updated: 8 Nov 2026, 10:56 AM IST

AI Stocks Selling

सांकेतिक इमेज (सोर्स- Janani)

वैश्विक स्तर पर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) शेयरों में बिकवाली के बीच भारतीय शेयर बाजार विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों (FPI) की पहली पंसद बन गया है। नवंबर में अब तक विदेशी निवेशकों ने कुल 45,970 करोड़ रुपए का इक्विटी में निवेश किया है।

भारत, निवेशकों की पहली पसंद

एफपीआई की ओर से लगातार फाइनेंशियल, आईटी, ऑटोमोबाइल और टेलीकॉम शेयरों में खरीदारी के कारण निफ्टी ने बीते एक हफ्ते में करीब 8.6 प्रतिशत का रिटर्न दिया है। जियोजित इन्वेस्टमेंट्स लिमिटेड के मुख्य निवेश रणनीतिकार डॉ. वी.के. विजयकुमार ने कहा- भारत में कंपनियों की कमाई में शानदार वृद्धि और लार्ज-कैप शेयरों के आकर्षक मूल्यांकन ने भारत को निवेश के लिए एक पसंदीदा जगह बना दिया है।

पिछले हफ्ते, बाजार में संस्थागत निवेशकों के रुख में अचानक और बड़ा बदलाव देखने को मिला। इसमें एफपीआई आक्रामक खरीदार बन गए, जबकि डीआईआई (घरेलू निवेशक) शुद्ध विक्रेता रहे। FPI की इस आक्रामक खरीदारी और इसके कारण आए 'शॉर्ट स्क्वीज' ने बाजार में एक बड़ी तेजी ला दी।

विश्लेषकों का कहना है कि FPI के रुख में यह अचानक बदलाव, अमेरिका और दक्षिण कोरिया, ताइवान व जापान जैसे अन्य एआई बाजारों में हुई बिकवाली की वजह से आया। यह बिकवाली, अमेरिका में डेटा सेंटर पर होने वाले खर्च को लेकर पैदा हुई चिंताओं के कारण हुई। इसकी वजह हाल में अमेरिका में हुए चुनाव में कांग्रेस के दोनों सदनों में डेमोक्रेट्स की जीत होना है जो डेटा सेंटर पर अंधाधुंध खर्च के खिलाफ हैं।

क्या कहते हैं विशेषज्ञ?

बाजार के जानकारों का मानना ​​है कि वे एआई के लिए कुछ नियम-कायदे लागू करने की मांग करेंगे। निफ्टी में बीते लगातार पांचों सत्रों में जोरदार तेजी रही और यह हफ्ते के उच्चतम स्तर 25,030.35 पर बंद हुआ, जो 8.6 प्रतिशत की बढ़त दर्शाता है। बैंक निफ्टी में भी अच्छी तेजी रही और यह हफ्ते के दौरान 8 प्रतिशत ऊपर बंद हुआ। वहीं, व्यापक बाजारों का प्रदर्शन अपेक्षाकृत कमजोर रहा।

निफ्टी मिडकैप 100 और निफ्टी स्मॉलकैप 100 क्रमशः 5.8 प्रतिशत और 2.8 प्रतिशत की बढ़त के साथ बंद हुए। आने वाले हफ्तों में, विदेशी निवेश का टिके रहना सबसे अहम होगा, क्योंकि घरेलू स्तर पर भारी मुनाफावसूली हो रही है, जिससे यह तेजी पूरी तरह से एफाईआई के समर्थन पर निर्भर हो गई है। बाजार के प्रतिभागी ब्रेंट क्रूड की कीमतों और अमेरिका-ईरान तनाव से जुड़े घटनाक्रमों पर कड़ी नजर रखेंगे।