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थकान और कमजोरी को न करें नजरअंदाज, खाने में शामिल करें आयरन और कैल्शियम से भरपूर ये आहार

क्या आप जानते हैं कि आपकी सेहत का राज आपकी प्लेट में छिपा है? आयरन और कैल्शियम के प्राकृतिक स्रोतों के साथ आप अपनी सेहत को नई ऊंचाइयों पर ले जा सकते हैं, जानिए कैसे।
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भारत

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Adarsh Thakur

Aug 23, 2026

Healthy Diet Tips

थकान मिटाने के लिए हेल्दी खाना। (फोटोः एआई)

आयरन और कैल्शियम शरीर के लिए जरूरी पोषक तत्व हैं, जिनकी कमी से थकान, कमजोरी और हड्डियों से जुड़ी समस्याएं हो सकती हैं। दालें, हरी पत्तेदार सब्जियां, मिलेट्स, मेथी, मोरिंगा, राजगीरा और नट्स जैसे प्राकृतिक खाद्य पदार्थों को संतुलित आहार में शामिल करके इन पोषक तत्वों की जरूरत पूरी करने में मदद मिल सकती है। आयरन के बेहतर अवशोषण के लिए विटामिन C युक्त खाद्य पदार्थों को शामिल करना भी उपयोगी है।

प्राकृतिक स्रोत क्यों मायने रखते हैं

आयरन और कैल्शियम की कमी से थकान, हड्डियों की कमजोरी और एनीमिया जैसी समस्याएं हो सकती हैं। विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के अनुसार, आयरन और कैल्शियम जैसे सूक्ष्म पोषक तत्वों की पर्याप्त मात्रा सेहत के लिए अत्यंत आवश्यक है। प्राकृतिक स्रोतों से मिलने वाले पोषक तत्वों की जैवउपलब्धता (Bioavailability) प्रायः बेहतर होती है और ये आपके शरीर के लिए सुरक्षित विकल्प होते हैं।

आयरन के प्राकृतिक स्रोत

  • दालें, बीन्स और अन्य फलियां: ये गैर-हीम (non-heme) आयरन का अच्छा स्रोत हैं। हालांकि, इस आयरन का अवशोषण कम होता है, लेकिन विटामिन C युक्त खाद्य पदार्थों (जैसे नींबू, आंवला, संतरा) के साथ लेने से इसका अवशोषण बेहतर होता है।
  • हरी पत्तेदार सब्जियां: पालक, मेथी, सरसों के पत्ते, मोरिंगा (सहजन के पत्ते) में आयरन पाया जाता है।
  • सूखे मेवे और किशमिश: इनमें भी आयरन की मात्रा अच्छी होती है।
  • पारंपरिक और स्थानीय अनाज व दालें: उदाहरण के लिए, पूर्वोत्तर भारत के कुछ रेड राइस में प्रति 100 ग्राम 3.1–6.1 मिलीग्राम आयरन पाया गया है; कई स्थानीय दालों में 3.6–38.6 मिलीग्राम आयरन होता है।
  • कुछ आदिवासी पत्तेदार सब्जियां: जैसे कि गंधारी-अरक (Amaranthus spinosus) में प्रति 100 ग्राम लगभग 22.9 मिलीग्राम आयरन पाया गया है।

कैल्शियम के प्राकृतिक स्रोत

  • हरी पत्तेदार सब्जियां: मेथी के पत्ते (प्रति 100 ग्राम लगभग 395 मिलीग्राम), मोरिंगा (185 मिलीग्राम), राजगीरा (160 मिलीग्राम) जैसे विकल्प कैल्शियम से भरपूर हैं।
  • स्थानीय अनाज और दालें: कुछ मिलेट्स में प्रति 100 ग्राम 264–364 मिलीग्राम कैल्शियम पाया गया है।
  • आदिवासी पत्तेदार सब्जियां और दालें: जैसे सिन-अरक, गरुंडी-अरक, गंधारी-अरक में 300–1717 मिलीग्राम कैल्शियम प्रति 100 ग्राम पाया गया है; तेरी रीती (Vicia hirsuta) में 215 मिलीग्राम कैल्शियम है।
  • मेघालय के भारतीय चेस्टनट (Indian Chestnut): इन नट्स में कैल्शियम 1,020–1,540 मिलीग्राम प्रति 100 ग्राम तक हो सकता है।

आयरन और कैल्शियम के बीच तालमेल

WHO की गाइडलाइन बताती है कि कैल्शियम आयरन के अवशोषण को रोक सकता है, इसलिए दोनों को एक साथ लेने से बचना चाहिए। इसका अर्थ है कि यदि आप आयरन युक्त भोजन ले रहे हैं, तो कैल्शियम युक्त भोजन या सप्लीमेंट कुछ समय बाद लें।

एक नजर में

पोषक तत्वप्राकृतिक स्रोत (भारत में उपलब्ध)सुझाव
आयरनदालें, हरी पत्तेदार सब्जियां, सूखे मेवे, स्थानीय अनाज व दालेंविटामिन C के साथ लें, चाय/कॉफी भोजन के तुरंत बाद न लें
कैल्शियममेथी, मोरिंगा, राजगीरा, मिलेट्स, आदिवासी पत्तेदार सब्जियां, नट्सआयरन युक्त भोजन से अलग समय पर लें

कैसे शामिल करें?

आप सुबह दलिया या मिलेट्स से शुरुआत कर सकती हैं, दोपहर में दाल और हरी सब्जी (जैसे पालक या मेथी), शाम को किशमिश या नट्स, और रात में राजगीरा की रोटी या मोरिंगा की सब्जी शामिल करें। भोजन के साथ या बाद में नींबू पानी या आंवला जूस लें, ताकि आयरन का अवशोषण बेहतर हो। कैल्शियम युक्त भोजन (जैसे मेथी, राजगीरा) को आयरन युक्त भोजन से अलग समय पर लें।

क्या ध्यान रखें

  • युवा महिलाएं और गर्भवती महिलाएं: आयरन की आवश्यकता बढ़ जाती है। WHO के अनुसार, गर्भवती महिलाओं को 30–60 मिलीग्राम आयरन और 400 माइक्रोग्राम फोलिक एसिड प्रतिदिन लेने की सलाह दी जाती है; कैल्शियम की कमी वाले क्षेत्रों में 1.5–2 ग्राम कैल्शियम सप्लीमेंट भी सुझाया जाता है।
  • नई मां और स्तनपान कराने वाली महिलाएं: ICMR के अनुसार, स्तनपान कराने वाली महिलाओं के लिए आयरन की औसत आवश्यकता लगभग 16 मिलीग्राम और कैल्शियम 1000 मिलीग्राम प्रतिदिन होती है।
  • छात्राएं और कामकाजी महिलाएं: नियमित, संतुलित आहार और विविधता बनाए रखना आवश्यक है।

(डिस्क्लेमर: यह लेख सामान्य जानकारी के लिए है। किसी भी स्वास्थ्य संबंधी समस्या या सप्लीमेंट शुरू करने से पहले डॉक्टर से सलाह अवश्य लें।)